UPI पेमेंट पर अब लगेगा चार्ज, 2,000 से ज्यादा पर 0.4% चार्ज लगेगा, जानिए पूरा नियम और Q&A

संदीप शर्मा

15 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 15 2026 8:32 PM)

सरकार ने यूपीआई के नए नियम जारी किए हैं. 2,000 रुपये तक व्यापारी भुगतान पर एमडीआर नहीं लगेगा, जबकि इससे ऊपर कुछ लेनदेन पर शुल्क होगा. छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

पर्सन टू पर्सन UPI पर कोई चार्ज नहीं.

2,000 रुपए से ऊपर की खरीदारी पर UPI ट्रांजैक्शन चार्जेबल.

75,000 रुपये या उससे ज्यादा लेनदेन पर अधिकतम चार्ज 300 रुपए.

UPI से पेमेंट करने वालों के लिए सरकार ने डिजिटल पेमेंट के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने पेमेंट एंड सैटेलमेंट सिस्टम (PSS) Act, 2007 में संशोधन के बाद इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के कुछ तरीकों पर चार्ज तय करने का कानूनी रास्ता साफ किया है. इसके बाद 14 सितंबर 2026 को केंद्र सरकार ने UPI को लेकर नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

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नए नियम के तहत 2,000 रुपए तक के UPI मर्चेंट पेमेंट यानी दुकानदार को किए गए पेमेंट पर Merchant Discount Rate यानी MDR शून्य रहेगा यानी कोई चार्ज नहीं लगेगा. NPCI ने 15 सितंबर को इस संबंध में विस्तृत सर्कुलर भी जारी किया है. इसमें UPI पेमेंट पर लगने वाले चार्ज, बैंकों और पेमेंट ऐप्स के बीच फीस के बंटवारे और अलग-अलग कैटेगरी के लिए MDR की दरें तय की गई हैं.

आम लोगों के लिए UPI पेमेंट रहेगा फ्री  

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पर्सन टू पर्सन यानी P2P पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा.यानी आप किसी व्यक्ति को UPI से पैसे भेजते हैं, तो ट्रांजैक्शन की रकम चाहे जितनी हो, उस पर कोई MDR नहीं लगेगा.P2P ट्रांजैक्शन UPI के कुल वॉल्यूम का करीब 37 फीसदी और कुल वैल्यू का करीब 70 फीसदी है.

2,000 रुपए से ऊपर मर्चेंट पेमेंट पर लगेगा MDR 

नए नियम का असर मुख्य तौर पर Person-to-Merchant यानी P2M पेमेंट पर पड़ेगा.अगर आप किसी दुकानदार, कारोबारी या मर्चेंट को UPI से ₹2,000 से ज्यादा का पेमेंट करते हैं, तो उस ट्रांजैक्शन पर MDR लगेगा.इसकी सामान्य दर 0.4 फीसदी तय की गई है.यह चार्ज पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल बैंकों और ऐप प्रोवाइडर्स समेत अलग-अलग पार्टनर्स के बीच बांटा जाएगा.

कितना  MDR देना होगा? 

ट्रांजैक्शन की रकम लागू MDR यानी चार्ज मर्चेंट पर MDR यानी दुकानदार पर चार्ज
2,000 रुपए तक  कोई शुल्क नहीं  यहां भी 0
3,000 रुपए तक  0.40% शुल्क  यानी 12 रुपए जो दुकानदार को देने होंगे
50,000  0.40% शुल्क 200 रुपए जो दुकानदार को देने होंगे
75,000 रुपए या उससे ज्यादा 300 रुपए फिक्स ये 300 रुपए दुकानदार को देने होंगे

बड़े UPI मर्चेंट पेमेंट के लिए भी अधिकतम सीमा तय की गई है. 75,000 रुपए या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर MDR अधिकतम 300 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन होगा. यानी ट्रांजैक्शन की रकम बढ़ने के साथ MDR अनलिमिटेड तरीके से नहीं बढ़ेगा. 

रेलवे, पेट्रोल, टेलीकॉम जैसी सेवाओं के लिए अलग नियम

कुछ जरूरी सेक्टर के लिए सरकार ने अलग और फ्लैट MDR रखा है. रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि इनपुट जैसे सेक्टर में 2,000 रुपए से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 5 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन का MDR लगेगा. 

म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार के पेमेंट पर सिर्फ 0.02% MDR

कैपिटल मार्केट से जुड़े पेमेंट के लिए MDR और कम रखा गया है. म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर को किए जाने वाले पेमेंट पर 0.02 फीसदी MDR लगेगा. इस पर भी अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन की सीमा रहेगी.कम MDR रखने का मकसद डिजिटल पेमेंट के जरिए रिटेल निवेश को बढ़ावा देना है.

छोटे दुकानदारों को नहीं देना होगा MDR

छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए भी बड़ा राहत दी गई है. P2P यानी Person-to-Person-Merchant कैटेगरी में आने वाले छोटे मर्चेंट, जिन्हें UPI QR के जरिए महीने में 1 लाख रुपए तक मिलते होते हैं, उनके लिए सभी UPI ट्रांजैक्शन पर MDR शून्य रहेगा.यानी छोटे दुकानदारों पर नए MDR का बोझ नहीं पड़ेगा.

UPI इस्तेमाल करने पर कोई मंथली लिमिट नहीं

आम यूजर के लिए एक और महत्वपूर्ण बात है कि UPI के फ्री इस्तेमाल पर कोई मंथली कोटा या ट्रांजैक्शन की संख्या की सीमा नहीं होगी. बैंक और NPCI अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से रोजाना ट्रांजैक्शन लिमिट जरूर तय कर सकते हैं. ये लिमिट सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन के लिए होंगी, इन्हें चार्ज लगाने की सीमा नहीं माना जाएगा.

कितने मर्चेंट पर पड़ेगा असर?

सरकार के मुताबिक नए MDR का असर बहुत सीमित रहेगा. डेटा के विश्लेषण के मुताबिक सिर्फ करीब 4 फीसदी मर्चेंट ट्रांजैक्शन MDR के दायरे में आएंगे. इसकी वजह यह है कि ज्यादातर UPI पेमेंट 2,000 से कम हैं या फिर P2P जैसी जीरो-MDR कैटेगरी में आते हैं. इससे छोटे और माइक्रो कारोबारियों पर अतिरिक्त लागत का बोझ कम रखने की कोशिश की गई है.

MDR से आने वाले पैसे का कुछ हिस्सा छोटे कारोबारियों पर खर्च होगा. नए सिस्टम में UPI को छोटे कारोबारियों तक और बढ़ाने के लिए एक अलग फंड बनाया जाएगा. इस फंड में कुल MDR कलेक्शन का 5 फीसदी हिस्सा दिया जाएगा. इस पैसे का इस्तेमाल छोटे कारोबारियों के बीच UPI के इस्तेमाल और स्वीकार्यता को बढ़ाने में किया जाएगा. इसका मकसद खासकर ग्रामीण और सेमी-अर्बन इलाकों में डिजिटल पेमेंट को और मजबूत करना है.

आखिर नया नियम क्यों लाया गया? 

अब तक UPI को बड़े पैमाने पर मुफ्त डिजिटल पेमेंट सिस्टम के तौर पर बढ़ावा दिया गया है, लेकिन इसके पीछे बैंकों, पेमेंट ऐप्स और दूसरे इकोसिस्टम पार्टनर्स की लागत भी होती है. नया MDR फ्रेमवर्क इस व्यवस्था को लंबे समय तक आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने की कोशिश है.सरकार का कहना है कि ज्यादातर UPI पेमेंट पहले की तरह फ्री रहेंगे, जबकि बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन से आने वाले MDR के जरिए पूरे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को आर्थिक आधार मिलेगा. यह फैसला संसद की Standing Committee on Finance की सिफारिशों के अनुरूप भी बताया गया है.

UPI को लेकर सवाल-जवाब

Q. क्या UPI से पैसे भेजने पर अब चार्ज लगेगा?

A. नहीं. एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति यानी P2P UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ्री रहेंगे. ट्रांजैक्शन की रकम कितनी भी हो, चार्ज नहीं लिया जाएगा.

Q. क्या 2,000 रुपए तक के UPI पेमेंट पर MDR लगेगा?

A. नहीं. 2,000 रुपए तक के मर्चेंट पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा और ग्राहक को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

Q. 2,000 रुपए से ज्यादा के UPI मर्चेंट पेमेंट पर क्या होगा?

A. निर्धारित P2M ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा। हालांकि यह चार्ज ग्राहक से नहीं लिया जाएगा, बल्कि मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में संबंधित हिस्सेदारों के बीच वितरित होगा।

Q. 75,000 रुपए या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर MDR कितना होगा? 

A. ऐसे हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन पर MDR अधिकतम 300 प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा.

Q. क्या MDR ग्राहक को देना होगा? 

A. नहीं. MDR ग्राहक पर लगाया जाने वाला शुल्क नहीं है. बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि मर्चेंट MDR का खर्च ग्राहक पर न डालें. 

Q. छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए क्या नियम है?

A. P2PM कैटेगरी में UPI QR के जरिए हर महीने 1 लाख रुपए तक प्राप्त करने वाले छोटे मर्चेंट जीरो MDR का लाभ लेते रहेंगे.

Q. कितने मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं लगेगा? 

A. आंकड़ों के मुताबिक करीब 96% मर्चेंट ट्रांजैक्शन MDR से प्रभावित नहीं होंगे. MDR केवल करीब 4% मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा. 

Q. क्या UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए कोई मासिक लिमिट लगाई गई है? 

A. नहीं. व्यक्तियों के लिए UPI का इस्तेमाल अनलिमिटेड फ्री रहेगा. कोई मासिक कोटा, वॉल्यूम लिमिट या फ्री ट्रांजैक्शन की टियर वाली सीमा नहीं होगी.

Q. UPI की रोजाना ट्रांजैक्शन लिमिट और MDR में क्या अंतर है?

A. बैंक और NPCI अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से सामान्यतः 1 लाख से 5 लाख रुपए तक की दैनिक सीमा तय कर सकते हैं. यह सुरक्षा और रिस्क मैनेजमेंट के लिए है, इसे चार्ज लगाने की सीमा नहीं समझना चाहिए. 

Q. रेलवे, टेलीकॉम और पेट्रोल जैसे जरूरी सेक्टर में MDR कितना होगा? 

A. 2,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर इन आवश्यक और कम मार्जिन वाले सेक्टरों में 5 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन का फ्लैट MDR लागू होगा.

Q. म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार से जुड़े UPI पेमेंट पर MDR कितना होगा?

A. कैपिटल मार्केट से जुड़े पेमेंट पर 0.02% MDR होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन होगी.

Q. क्या MDR सरकार द्वारा लगाया गया टैक्स है?

A. नहीं. MDR न तो टैक्स है और न ही सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला शुल्क है. यह पेमेंट इकोसिस्टम के अलग-अलग हिस्सेदारों के बीच वितरित किया जाता है.

Q. MDR से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कहां होगा? 

A. इससे बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और UPI ऐप प्रोवाइडर्स को पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर को चलाने और विस्तार देने में मदद मिलेगी. इसका इस्तेमाल ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने में भी किया जा सकेगा.

Q. छोटे कारोबारियों के लिए कोई अलग फंड भी बनाया जाएगा? 

A. हां. छोटे मर्चेंट के बीच UPI को बढ़ावा देने के लिए एक डेडिकेटेड फंड बनाया जाएगा. इसमें कुल MDR कलेक्शन के बराबर 5% राशि का योगदान किया जाएगा.

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