Chhattisgarh News: वन विभाग की एक लापरवाही छत्तीसगढ़ में 15 हिरणों की मौत का कारण बन गया. दरअसल सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित संजय पार्क में सुरक्षा में बड़ी चूक के चलते आवारा कुत्तों ने बाड़े में घुसकर 15 हिरणों और कोटरी को अपना निवाला बना लिया. इस घटना ने न केवल वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर दिया है, बल्कि विभाग द्वारा मामले को रफा-दफा करने की कोशिशों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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बाड़े का गेट खुला रहने से हुआ 'नरसंहार'
इस मामले में अब तक जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक, रविवार दोपहर पार्क प्रबंधन की भारी लापरवाही के कारण वन्यजीवों के बाड़े का गेट खुला रह गया था. इसका फायदा उठाकर 4 से 5 खूंखार आवारा कुत्ते अंदर चले गए. कुत्तों ने वहां मौजूद बेसहारा हिरणों, बारहसिंगा और कोटरी पर हमला बोल दिया. इस खूनी संघर्ष में लगभग 15 वन्यजीवों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.
सबूत मिटाने की कोशिश
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब वन विभाग पर घटना को दबाने के आरोप लगे. स्थानीय सूत्रों और मौके पर मिले साक्ष्यों के अनुसार, वन विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन में मृत हिरणों के शवों को पार्क के पिछले हिस्से में ले जाकर जला दिया. मौके से जली हुई चिता के अवशेष और हिरणों की हड्डियों के टुकड़े बरामद हुए हैं. इतना ही नहीं, घटनास्थल से खून से सना एक धारदार हथियार भी मिला है जो इस पूरी थ्योरी को और संदिग्ध बनाता है.
ग्रीन पर्दा लगाकर दफनाने की साजिश?
आरोप है कि कुछ शवों को तो बाकायदा ग्रीन पर्दा लगाकर गुपचुप तरीके से दफनाने की भी कोशिश की गई ताकि बाहरी दुनिया को इस 'नरसंहार' की भनक न लगे. हालांकि पार्क परिसर में एक हिरण का शव खुले में पड़ा मिलने के बाद सारा मामला लोगों के बीच आ गया.
प्रशासन का रुख और जांच के आदेश
मामला बढ़ने के बाद डीएफओ (DFO) ने 15 वन्यजीवों की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है. विभाग का कहना है कि रात लगभग 3 बजे कुत्ते पार्क में घुसे थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ (SDO) स्तर के अधिकारी को जांच सौंप दी गई है. एहतियात के तौर पर संजय पार्क को अगले तीन दिनों के लिए आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है.
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