बालोद: 'भगवान की तस्वीर के सामने हाथ जोड़ मांगी शक्ति, फिर...' पति का प्यार बांट रही सौतन के साथ पत्नी ने किया दहला देने वाला कांड

न्यूज तक डेस्क

02 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 2 2026 8:20 PM)

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंत सामने आया. पति, बच्चों और परिवार को छोड़कर प्रेमी के साथ रहने आई महिला की पहली पत्नी ने 6 साल बाद बेरहमी से हत्या कर दी. जानिए पूरी वारदात, हत्या की वजह और पुलिस जांच की पूरी कहानी.

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छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पत्नी ने सौतन को उतारा मौत के घाट.
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छत्तीसगढ़ के बालोद में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. नशे में चूर पति का जब सुरुर टूट तो उसने देखा कि बिस्तर पर सो रही पत्नी गायब है. दूसरे कमरे में प्रेमिका तो थी पर बेसुध. जब पति ने ध्यान से देखा तो वो लहूलुहान पड़ी थी. वो चीखने और चिल्लाने लगा. शोर-शराबा सुनकर गांव वाले आए और पुलिस को खबर दी गई. पुलिस ने देखा कि घर की बहू गायब है. पुलिस ने उसे खेतों से पकड़ लिया. महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि उसके सीने में 6 सालों से पति और उसकी प्रेमिका का रिश्ता एक घाव की तरह पल रहा था. उसने पुलिस की पूछताछ में जो कहानी बताई वो भी हैरान करने वाली थी. 

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इस पूरी कहानी को समझने के लिए साल 2019 में चलना होगा. मृतका दया बाई का गांव नेवारीकला में भरापूरा परिवार था. पति था, बच्चे थे और सबकुछ ठीक चल रहा था. दया बाई के घर का ट्रैक्टर गांव का ही चिम्मन साहू चलाता था. चिम्मन खेतों में ट्रैक्टर चलाता और दया खाना-पानी लेकर जाती. दोनों की पहले नजरें मिलीं. फिर बातें शुरू हुईं. दोनों एक दूसरे के करीब आ रहे थे. कब एक दूसरे के हो चले किसी को पता भी नहीं चला. बात इतनी बढ़ गई कि दया अपने पति और बच्चों को छोड़ चिम्मन के पास जाने के लिए राजी हो गई. 

शादीशुदा चिम्मन के साथ चलने के लिए पकड़ी जिद

इधर दया जिस चिम्मन के साथ उसके घर जाकर रहना चाहती थी उसका खुद का परिवार था. पत्नी और बच्चे थे. चूंकि चिम्मन भी दया को प्यार करने लगा था और उसके बिना एक पल भी रहना उसके लिए नागवार गुजर रहा था. ऐसे में वो दया को लेकर अपने घर पहुंचा. पति के साथ गैर महिला देख चिम्मन की पत्नी अमृत बाई का खून खौल उठा. उसी घर में चिम्मन ने दया बाई को एक कमरा अलग से दे दिया. अब एक ही छत के नीचे पत्नी और पति की प्रेमिका दोनों रह रही थीं. अमृत बाई रोजाना पति का प्यार एक दूसरी महिला के साथ बंटते हुए देख रही थी. ये सब उसकी जिंदगी में नरक जैसा हो गया. 

अमृत के मुताबिक वो घुटने लगी थी. दया बाई उसे फूटी आंख नहीं सुहाती थी. एक-एक दिन उसके लिए काटने जैसा था. यही सब देखते-देखते 6 साल बीत गए पर अमृत बाई के दिल में उठी आग कम न हुई बल्कि और धधक चुकी थी. 30 जून 2026 की रात में चिम्मन शराब के नशे में घर लौटा. वो पत्नी अमृत बाई के कमरे में पहुंचा और उसके बगल में सो गया. इधर सोने की नाटक कर रही अमृत की आंखों में नींद कहां थी ? उसके जेहन में तो कुछ और ही चल रहा था. उस रात वो अपने दिल में धधक रही 6 साल पुरानी आग को बुझा देना चाहती थी. वो दया बाई को हमेशा-हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहती थी. 

दो बार कमरे में गई पर हिम्मत टूट गई 

अमृत अपने बिस्तर से आधी रात उठी और दया के कमरे में दाखिल हुई. नींद की आगोश में डूबी दया की हत्या की बात सोच वो सिहर गई और कमरे से बाहर आ गई. बाहर आते ही प्रतिशोध की ज्वाला ने उसे फिर कमरे में जाने को मजबूर किया. अमृत फिर कमरे में गई और इस बार फिर हत्या की बात सोच वो घबरा गई और फिर कमरे से बाहर आ गई. वो कुछ भी तय नहीं कर पा रही थी. उसकी आंखों में न नींद थी ना दिल में चैन. 

देवी की तस्वीर के सामने मांगी शक्ति 

अमृत ने पुलिस को बताया कि फिर उसने देवी की तस्वीर के सामने खड़ी होकर हाथ जोड़ा और मां चंडी से खुद के भीतर शक्ति जगाने की अर्जी लगाई. फिर क्रोध में वो कमरे में दाखिल हुई. उसने पहले खाट के पार से सो रही दया के सिर पर वार किए. उसके बेसुध होते ही गन्रा काटने वाले गड़ासे से उसने गला रेत दिया. दया की हत्या के बाद वो घबरा गई और घर से भागी. वो गांव के बाहर जाकर खोतों में छुप गई. 

चिम्मन जाग और शव देख चीख पड़ा 

इधर चिम्मन का नशा उतरा तो उसकी नींद खुली. उसने देखा कि बिस्तर पर पत्नी अमृत बाई नहीं है. उसने दूसरे कमरे में जाकर दया बाई को देखा. वो लहूलुहान पड़ी थी. चिम्मन ने जैसे ही उसके ऊपर टॉर्च जलाया वो चीख पड़ा. शोर-शराबा सुनकर गांव के लोग जमा हो गए. पुलिस को खबर दी गई. पुलिस ने मौके से साक्ष्य इकट्ठा किए और पूछताछ शुरू की. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फोरेंसिक एक्सपर्ट ने मौके से साक्ष्य लिए. पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मृतका चिम्मन की प्रेमिका थी. चिम्मन की पत्नी घर से गायब थी. पुलिस ने खोजबीन शुरू की. जल्द ही पुलिस को सफलता मिली और अमृत बाई एक खेत से पकड़ी गई. 

पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उसी ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है. पुलिस ने वो हथियार भी बरामद कर लिया जिससे अमृत ने दया बाई की हत्या की थी. इसके बाद पुलिस ने अमृत बाई को जेल भेज दिया.

इनपुट: किशोर साहू 

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