छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खर्वे में पिछले कुछ महीनों के भीतर हुई 8 लोगों की रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है. इस सामूहिक मौतों की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी जांच की रफ्तार को दोगुना कर दिया है. एक शव को पहले ही कब्र से निकालने के बाद, अब प्रशासन की टीम महानदी के किनारे दफ्न किए गए शेष 6 और शवों को कब्र से बाहर निकालने की बड़ी तैयारी में जुट गई है. इस कार्रवाई का मकसद मौतों के पीछे के वास्तविक और वैज्ञानिक कारणों का पता लगाना है.
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सभी मौतों में अजीब समानता
ग्राम खर्वे के निवासियों में इन मौतों को लेकर गहरा आक्रोश और डर का माहौल है. ग्रामीणों का दावा है कि पिछले कुछ महीनों के भीतर जिन 8 लोगों की जान गई है, उनकी मौत की परिस्थितियों और लक्षणों में एक अजीब सी समानता दिखाई दे रही है. इसी वजह से ग्रामीणों ने इस मामले में किसी बड़ी साजिश या जहरखुरानी जैसी आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की थी. ग्रामीणों के बढ़ते दबाव और गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने शवों को कब्र से निकालकर फॉरेंसिक जांच कराने का फैसला किया है.
13 जून को निकाला गया था पहला शव, अब 6 और की बारी
इस पूरे रहस्यमयी मामले में कुल 8 लोगों की मौत हुई थी. इनमें से 7 लोगों के शवों को अंतिम संस्कार के तौर पर महानदी के किनारे दफन किया गया था, जबकि एक मृतक का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दाह संस्कार विधि से हुआ था.
प्रशासन ने जांच के पहले चरण में 13 जून 2026 को 'महेतरु साहू' के शव को कब्र से बाहर निकाला था और उसे पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा था. अब इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए राजस्व, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर शेष 6 शवों को भी कब्र से खोदा जा रहा है. इन सभी शवों का पोस्टमार्टम और टॉक्सिकोलॉजी (जहर की जांच) टेस्ट कराया जाएगा.
इन 8 लोगों की मौत से सहमा है पूरा खर्वे गांव
कुछ ही महीनों के भीतर गांव के इन 8 लोगों की अलग-अलग तारीखों में मौत हुई है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया है:
- बदरी प्रसाद पटेल – 6 फरवरी 2026
- बुटालु साहू – 20 फरवरी 2026
- छत्तूराम साहू – 2 मार्च 2026
- बुधराम जायसवाल – 13 मार्च 2026 (इनका दाह संस्कार किया गया था)
- विनोद साहू – 31 मार्च 2026
- गजानंद मांझी – 20 अप्रैल 2026
- चैतुराम साहू – 29 अप्रैल 2026
- महेतरु साहू – 14 मई 2026 (शव 13 जून को निकाला जा चुका है)
फॉरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें
फिलहाल खर्वे गांव छावनी में तब्दील हो चुका है. फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम, डॉक्टरों के पैनल और राजस्व अधिकारियों की देखरेख में विधि-विधान के साथ शव उत्खनन (Exhumation) की कार्रवाई की जा रही है.
प्रशासन का कहना है कि मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा केवल वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा. क्या ये मौतें सामान्य थीं, या गांव में कोई अज्ञात बीमारी फैली है, या फिर इसके पीछे कोई सोची-समझी खौफनाक साजिश है? इन सभी सवालों के जवाब फॉरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएंगे. फिलहाल, पूरे जिले की नजरें खर्वे गांव की इस जांच पर टिकी हुई हैं.
इनपुट: दीपेंद्र शुक्ला
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