मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व अत्यंत आत्मीयता, स्नेह और उल्लास के वातावरण में मनाया गया. इस अवसर पर समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से आई माताओं और बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उन्हें अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया. मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का हृदय से स्वागत करते हुए कहा कि बहनों का यह स्नेह उनके लिए अनमोल है और उनका आशीर्वाद प्रदेश की जनता की सेवा करने के संकल्प को और अधिक शक्ति प्रदान करता है.
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कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी ने बांधी राखी
कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी सरला दुबे ने मुख्यमंत्री साय को राखी बांधी. इस भावुक क्षण को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय कर्नल दुबे भारतीय सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे. उनकी धर्मपत्नी से राखी बंधवाना उनके लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है.
इसके अलावा, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी एवं स्मृति दीदी, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों और दिव्यांग बहनों ने भी मुख्यमंत्री को राखी बांधी.
1600 सुरक्षा जवानों की कलाई पर सजी स्नेह की डोर
मुख्यमंत्री ने रायपुर में आयोजित 'स्नेह की डोर' कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिजनों ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के लगभग 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधी. उन्होंने कहा कि त्योहारों के अवसर पर भी देश की सीमा और सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है.
महतारी वंदन योजना और लखपति दीदी योजना की बड़ी सफलता
महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है. त्योहार को ध्यान में रखते हुए 25 अगस्त को ही योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खातों में भेज दी गई थी.
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत छत्तीसगढ़ को 8 लाख 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य मिला था, जिसे पार करते हुए राज्य ने पिछले दो वर्षों में 13.85 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है.
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
ड्रोन दीदी: खेतों में उर्वरक और दवाओं का छिड़काव करके महिलाएं प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं.
ई-रिक्शा दीदी: नया रायपुर में 92 और जशपुर के बगिया गांव में 50 बहनों को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं.
महिला उद्यमिता: राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है. साथ ही, महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर 50% पंजीयन शुल्क की छूट दी जा रही है.
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण मातृशक्ति के सहयोग और सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं है. सरकार प्रदेश की हर महिला के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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