पेड़ के सूखे पत्तों में छिपने वाली यह खूबसूरत तितली बनी छत्तीसगढ़ का नया गौरव, देखिए पूरी डिटेल्स

न्यूज तक डेस्क

• 03:39 PM • 13 Oct 2026

छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी अनोखी बनावट और तेज उड़ान के लिए मशहूर 'ऑरेंज ओकलीफ' तितली को प्रदेश की पहली आधिकारिक 'राज्य तितली' घोषित कर दिया है.

ऑरेंज ओकलीफ
ऑरेंज ओकलीफ
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छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक इतिहास में आज से एक बेहद प्यारा और रोमांचक अध्याय जुड़ गया है. अब तक जंगल के कई अनसुने किस्से आपने सुने होंगे, लेकिन इस बार बात कुछ अलग है छत्तीसगढ़ को उसकी पहली आधिकारिक 'राज्य तितली' मिल गई है! राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में देश-दुनिया में अपनी अनोखी बनावट के लिए मशहूर 'ऑरेंज ओकलीफ' तितली को छत्तीसगढ़ की स्टेट बटरफ्लाई घोषित करने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है. आइए जानते हैं कि आखिर क्यों इस खास तितली को चुना गया है और हाल ही में हुई इस मीटिंग में और क्या-क्या बड़े फैसले लिए गए हैं.

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छिपने में माहिर, 'जादुई' रूप वाली ऑरेंज ओकलीफ!

इस तितली की सबसे दिलचस्प बात इसका छद्म आवरण (कैमॉफ्लाज) है. जब यह तितली अपने पंख बंद करके बैठती है, तो यकीन मानिए, किसी की भी मजाल नहीं कि इसे पहचान ले- यह हूबहू किसी पेड़ से गिरे हुए सूखे पत्ते की तरह दिखाई देती है. लेकिन असली जादू तब होता है जब यह अपने पंख खोलती है. पंख खुलते ही भीतर से गहरे नीले, चमकीले नारंगी और काले रंगों का एक ऐसा खूबसूरत मेल दिखाई देता है, जो देखने वाले का दिल जीत लेता है.

दुश्मनों को चकमा देने का मास्टर प्लान

यह तितली सिर्फ दिखने में ही अनोखी नहीं है, बल्कि उड़ान भरने में भी बहुत तेज है. जैसे ही इसे किसी खतरे का अहसास होता है, यह बिजली की रफ्तार से उड़ जाती है. हवा में टेढ़े-मीढ़े रास्ते बनाते हुए यह अचानक झाड़ियों में गायब हो जाती है और पलक झपकते ही अपने पंख बंद कर लेती है. पंख बंद होते ही यह फिर से एक 'सूखा पत्ता' बन जाती है, और बड़े-बड़े शिकारी इसे ढूंढते रह जाते हैं!

वन्यजीव बोर्ड की बैठक में लिए गए अन्य अहम फैसले

नवा रायपुर में वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में सिर्फ तितली को लेकर ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़े कई बड़े और सराहनीय कदम उठाए गए हैं:

  • काले हिरणों का नया आशियाना: बरनवापारा वन्यजीव अभयारण्य से 50 ब्लैकबक (काला हिरण) को अब गोमर्डा वन्यजीव अभयारण्य में सुरक्षित शिफ्ट किया जाएगा.
  • घायल जानवरों के लिए आधुनिक अस्पताल: अंबिकापुर के संजय पार्क में एक नया 'ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर' बनाया जाएगा. अक्सर सड़क हादसों या मानव-वन्यजीव संघर्ष में घायल होने वाले बेजुबान जानवरों को अब यहां तुरंत और बेहतर इलाज मिल सकेगा.
  • सड़क सुरक्षा और अपग्रेडेशन: जंगलों और संरक्षित इलाकों से गुजरने वाली 18 ग्रामीण सड़कों को बेहतर बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर इसे केंद्र सरकार के पास भेजने की सिफारिश की गई है.
  • हाथी प्रभावित इलाकों के लिए राहत: हाथियों के आने-जाने वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए कच्चे मकानों की जगह पक्के घर बनाने के वास्ते 'मुख्यमंत्री विशेष आवास योजना' पर जोर दिया गया है. साथ ही, हाथियों या अन्य वन्यजीवों द्वारा फसलों को पहुंचाए जाने वाले नुकसान के मुआवजे के लिए 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के तहत विचार करने का फैसला लिया गया है.

छत्तीसगढ़ के जंगलों की यह नई शान यानी ऑरेंज ओकलीफ तितली अब न सिर्फ प्रदेश की जैव विविधता का गौरव बढ़ाएगी, बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का एक नया केंद्र बनेगी.

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