छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां अमलेश्वर थाना क्षेत्र में एक 14 साल के नाबालिग बच्चे का हनीट्रैप के जरिए अपहरण कर लिया गया. चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार का सगा भांजा संजय साहू निकला. पुलिस ने महज कुछ घंटों के भीतर कार्रवाई करते हुए नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया और एक महिला समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
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इंस्टाग्राम दोस्ती और हनीट्रैप का जाल
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी संजय साहू ने अपने साथियों के साथ मिलकर बेहद शातिराना योजना बनाई थी. उसने आरोपी महिला हेम पुष्पा साहू के जरिए नाबालिग से इंस्टाग्राम पर दोस्ती करवाई. 12 अप्रैल 2026 को महिला ने नाबालिग को तिरंगा चौक, अमलेश्वर में मिलने के लिए बुलाया. जैसे ही बच्चा वहां पहुंचा, आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे धमतरी की ओर ले गए.
1 करोड़ की फिरौती और फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तारी
अपहरण के बाद आरोपियों ने पीड़ित परिवार को वीडियो भेजकर 1 करोड़ रुपए की भारी-भरकम फिरौती की मांग की. मामला गंभीर देख दुर्ग पुलिस, साइबर सेल और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई. तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी धमतरी के सिहावा इलाके में छिपे हैं.
दुर्ग एएसपी मणि शंकर चन्द्रा ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए धमतरी पुलिस के साथ मिलकर घेराबंदी की गई. चूंकि वहां नाकाबंदी का कोई सीधा जरिया नहीं था, इसलिए पुलिस ने जेसीबी मशीन और अन्य गाड़ियों को सड़क पर खड़ा कर रास्ता ब्लॉक किया और आरोपियों की सेंट्रो कार को रोककर उन्हें दबोच लिया.
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसमें संजय साहू (मास्टरमाइंड और रिश्ते में सगा भांजा), हेम पुष्पा साहू (हनीट्रैप के लिए इस्तेमाल की गई महिला), कृष्णा साहू उर्फ करण, शैलेन्द्र लहरे और रविंद्र लहरे शामिल हैं. पुलिस ने इनके पास से अपराध में इस्तेमाल की गई सेंट्रो कार और 6 मोबाइल फोन जब्त किए हैं. सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2), 140(3), 351(3) और 61 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है.
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