Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बुधवार यानी 5 फरवरी की सुबह मंगल कार्बन प्लांट में हुए जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया. इस हादसे में एक मासूम बच्ची सहित कुल 8 लोग बुरी तरह झुलस गए. सभी घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर खरसिया पुलिस ने आज यानी 6 फरवरी को दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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चार महीने से कर रहे थे काम
रजघटा की रहने वाली आशा बाई खड़िया ने थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि उनका बेटा शिव खड़िया, उदासिनी बाई, पड़ोसी कौशल पटेल, प्रिया सारथी, उनका बेटा इंदीवर और पति चमारसिंह पिछले करीब चार महीनों से बानीपाथर के पास स्थित मंगल कार्बन फैक्ट्री में काम कर रहे थे. हादसे वाले दिन सुबह लगभग 9 बजे कुछ लोग पुराने टायर ट्रैक्टर में लोड कर रहे थे, जबकि शिव, कुलदीप, कौशल और इंदीवर फर्नेस का ढक्कन खोल रहे थे. उसी वक्त प्रिया कार्बन उठा रही थी और उदासिनी एक बच्ची को गोद में लेकर पास ही खड़ी थी.
इसी दौरान अचानक तेज दबाव के साथ फर्नेस से आग की लपटें बाहर निकल आईं और देखते ही देखते वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए. आग से साहेबलाल, शिव, उदासिनी और मासूम भूमि गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि कौशल पटेल, इंदीवर और प्रिया सारथी भी घायल हो गए. इनमें शिव और इंदीवर की हालत ज्यादा नाजुक बताई जा रही है. सभी घायलों का रायगढ़ के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है.
काला तेल तैयार किया जाता है
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि प्लांट में पुराने टायर को फर्नेस में पिघलाकर काला तेल तैयार किया जाता है, यह प्रक्रिया बेहद गर्म तापमान पर होती है और ऐसे काम में खास सुरक्षा इंतजाम जरूरी होते हैं. आरोप है कि फर्नेस को बिना ठंडा किए ही खुलवाया गया और मजदूरों को कोई सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराया गया. माना जा रहा है कि इसी लापरवाही के कारण इतना बड़ा हादसा हुआ.
मामले को गंभीरता से लेते हुए खरसिया पुलिस ने फैक्ट्री के मुख्य प्रबंधक रूपेश शर्मा और प्रबंधक दादु महाराज उर्फ प्रेमसागर त्रिपाठी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(a), 125(b), 287, 288, 289 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है ताकि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा सके.
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