छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिला अफीम की अवैध खेती का नया गढ़ बनता दिख रहा है. जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तमनार ब्लॉक के आमाघाट गांव में पुलिस ने छापामार कार्रवाई कर अफीम के बड़े खेत का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई की पुष्टि खुद रायगढ़ एसएसपी शशिमोहन सिंह ने मौके पर पहुंचकर की है.
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खुफिया तंत्र की सटीक सूचना और 'सर्जिकल स्ट्राइक'
पुलिस को अपने मुखबिरों से खबर मिली थी कि आमाघाट के एक सुनसान इलाके में बेहद गोपनीय तरीके से अफीम उगाई जा रही है. सूचना मिलते ही तमनार और पूंजीपथरा पुलिस ने संयुक्त टीम बनाई और कल शाम से ही इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी. रात होते-होते पुलिस ने मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को अपनी गिरफ्त में ले लिया.
झारखंड कनेक्शन और मास्टरमाइंड का खेल
पकड़ा गया आरोपी मार्शल सांगा मूल रूप से झारखंड का रहने वाला है. वह पिछले कुछ सालों से यहां आकर बस गया था. पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि मार्शल अकेले यह काम नहीं कर रहा था, बल्कि उसके साथ एक पूरी टीम जुड़ी हुई थी. वह स्थानीय स्तर पर जमीन का जुगाड़ कर अफीम की खेती को अंजाम दे रहा था.
क्वालिटी जांच के लिए रायपुर से बुलाई गई फॉरेंसिक टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है. अफीम की गुणवत्ता और उसकी शुद्धता की बारीकी से जांच करने के लिए रायपुर से विशेष फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि जिस जमीन पर यह खेती हो रही थी, वह सरकारी है या किसी निजी व्यक्ति की.
एसएसपी शशिमोहन सिंह का बयान
एसएसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि मार्शल सांगा से लगातार पूछताछ जारी है. इस मामले में कई और बड़े नामों के शामिल होने की आशंका है. पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जिनके जरिए यह अफीम बाजार तक पहुंचाई जानी थी. जल्द ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो सकती है.
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