छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में हुए एक सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. एक शिक्षिका और उनके मासूम बेटे की जान सिर्फ इसलिए ले ली गई, क्योंकि आरोपी की नीयत 19 लाख रुपये के लोन की रकम पर आ गई थी. इस पूरी वारदात को जिस शातिर अंदाज में अंजाम दिया गया, उसकी कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है, लेकिन पुलिस की सूझबूझ और सीसीटीवी ने आखिरकार आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा ही दिया.
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ऐसे खुला खौफनाक राज
कहानी की शुरुआत 10 अक्टूबर 2026 को हुई, जब सूरजपुर के जयनगर इलाके में कोरयाबारी नर्सरी के पास एक नाली से एक अज्ञात युवक का शव मिला. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया कि यह हत्या थी. मृतक की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई.
अभी पुलिस इस गुत्थी को सुलझा ही रही थी कि एक और हैरान करने वाली बात सामने आई. सुजल के मामा ने विश्रामपुर थाने में सूचना दी कि उनकी बहन (सुजल की मां) रजनी बरेठ और उनका बेटा केशवनगर में किराए पर रहते थे. शिक्षिका रजनी का फोन 9 अक्टूबर से बंद आ रहा था. पुलिस ने जब उनके घर का ताला तोड़ा, तो बाथरूम में रजनी का शव मिला. गले पर निशान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी कि उनकी भी गला घोटकर हत्या की गई है.
19 लाख के लोन पर थी बुरी नजर
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी प्रवेश कुमार की पत्नी और मृतिका रजनी दोनों एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं. इसी जान-पहचान की वजह से प्रवेश का उनके घर आना-जाना था. आरोपी ने खुद मोटर पार्ट्स के कारोबार के लिए करीब 20 लाख रुपये का लोन लिया था और उसे पैसों की सख्त जरूरत थी.
प्रवेश को पहले से ही पता था कि रजनी को बैंक से करीब 19 लाख रुपये का लोन मिलने वाला है और वो रकम उनके खाते में आने वाली है. बस इसी पैसे को हड़पने के लिए उसने खौफनाक साजिश रच डाली.
एक के बाद एक ऐसे दिए वारदातों को अंजाम
पहला शिकार बनीं शिक्षिका: 9 अक्टूबर को आरोपी ने अपनी कार धोने के बहाने विश्रामपुर के एक वॉशिंग सेंटर पर छोड़ी और पैदल रजनी के घर पहुंच गया. पहले उसने बहाने से मोबाइल चार्जर मांगा और चला गया. शाम को जब सुजल ट्यूशन चला गया, तो आरोपी ने रजनी से रुपयों की मांग की. विरोध करने पर उसने स्टील की पानी की बोतल और शैम्पू की बोतल से उनके सिर पर वार किया और फिर पैर से गला दबाकर उनकी हत्या कर दी.
राज खुलने के डर से बेटे को भी मारा: आरोपी को डर था कि सुजल घर पर उसकी मौजूदगी के बारे में जानता है और सच खोल देगा. इसलिए उसने बेटे को भी रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. रात को जब सुजल घर लौटा, तो आरोपी ने उसे चकमा देकर अपनी कार में बैठा लिया और अंबिकापुर की ओर ले गया. रास्ते में शक न हो, इसलिए उसने सुजल को मैगी भी खिलाई.
जंगल में ले जाकर किया हमला: राई जंगल के पास पहुंचने पर आरोपी ने बहाने से कार रोकी और सुजल के गले में स्टोल कसकर उस पर सीमेंट के खंभे के टुकड़े से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद उसने शव को कालीघाट के पास फेंक दिया.
सबूत मिटाने की हर मुमकिन कोशिश
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बचने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी. उसने सुजल के मोबाइल अपने घर की रसोई में छिपा दिए, रजनी का फोन और उसके जरूरी दस्तावेज (आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम और गहने) अपनी ससुराल में छुपा दिए. कार में लगे खून के निशानों को मिटाने के लिए उसने मैट ही जलवा दी.
लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं. पुलिस ने जब इलाके के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, तो एक संदिग्ध काली टी-शर्ट और सफेद गमछा पहने व्यक्ति मृतिका के घर के पास और बाद में कार वॉशिंग सेंटर पर नजर आया. कार के नंबर (CG 15 EG 7101) के जरिए पुलिस सीधे आरोपी प्रवेश कुमार तक पहुंच गई. कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसके घर और ससुराल से चुराया गया सामान और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिए. लोन के लालच में रची गई इस साजिश का अंत आखिरकार पुलिस की गिरफ्त और सलाखों के पीछे हुआ.
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