Kuldeep Kumar AAP MLA News: आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद पुलिस और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वर्दी के आए पुलिसकर्मियों ने उनके घर में जबरन प्रवेश किया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया. विधायक ने दावा किया कि उन्हें करीब 14 से 15 घंटे तक गायब रखा गया और उनके परिवार तक को इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई.
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बिना वर्दी आए अफसरों ने की बदतमीजी और तानी पिस्तौल
कुलदीप कुमार ने बताया कि सुबह तड़के पुलिसकर्मी उनके घर में घुसे, जो सिविल ड्रेस में थे. उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में उन्हें पता चला कि मधु विहार थाने के एसएचओ और नारकोटिक्स विभाग के लोग आए थे. विधायक का दावा है कि अधिकारियों ने उन पर पिस्तौल तान दी और झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रची.
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके घर के सीसीटीवी कैमरे क्यों तोड़े गए और डीवीआर क्यों साथ ले जाया गया. कुलदीप कुमार के मुताबिक, जब उनकी पार्टी ने मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, तब जाकर पुलिस ने उन्हें रिहा किया.
सफाई कर्मचारी के न्याय की लड़ाई का दावा
आप विधायक ने कहा कि उनका एकमात्र कसूर यह था कि वे एक मृतक सफाई कर्मचारी के अधिकार और न्याय की बात कर रहे थे. उन्होंने बताया कि वे मृतक सफाई कर्मचारी के आश्रित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग उठा रहे थे.
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि परिवार की सहमति के बिना ही जबरन दाह संस्कार करवा दिया गया. विधायक ने कहा कि वे दलित समाज से आते हैं और दलितों की आवाज उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.
सरकार और पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला
रिहाई के बाद कुलदीप कुमार ने दिल्ली की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक रवैये पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में एक जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार चिंताजनक है.
विधायक ने स्पष्ट किया कि पुलिसिया कार्रवाई और दबाव के बावजूद वे पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दलित समाज के हक की लड़ाई के लिए उनका यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा.
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