कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा लहराने का ऐलान किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर देशभर के लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है. दिपके ने कहा है कि जो लोग दिल्ली नहीं पहुंच सकते, वे अपने-अपने शहरों में तिरंगा मार्च निकालें. उन्होंने अपने बयान में सौरव दास और आशुतोष रांका का भी जिक्र किया और दावा किया कि उन्हें तिरंगा लहराने के लिए जेल में डाला गया है. उनके इस ऐलान के बीच 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचे CJP के सदस्यों को हिरासत में लिए जाने का मामला भी चर्चा में है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी
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16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में तिरंगा लहराने का ऐलान
अभिजीत दिपके ने वीडियो जारी कर कहा कि 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे सभी लोग तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क पहुंचें. उन्होंने कहा कि वहां तिरंगा लहराकर यह संदेश दिया जाएगा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना कोई अपराध नहीं है.
दिपके ने अपने वीडियो में कहा, 'जैसा कि आप लोगों को पता है कि सौरव और आशु को सिर्फ तिरंगा लहराने के लिए जेल में डाला गया है. मैं सभी देशभक्तों और तिरंगे से प्यार करने वाले लोगों से अपील करता हूं कि 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा लेकर पहुंचें. वहां हम अपना तिरंगा लहराएंगे और बताएंगे कि तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है.
दिल्ली नहीं आ सकते तो अपने शहर में निकालें तिरंगा मार्च
अभिजीत दिपके ने अपनी अपील केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखी. उन्होंने देश के दूसरे हिस्सों में रहने वाले लोगों से भी कहा कि अगर वे कनॉट प्लेस नहीं पहुंच सकते, तो अपने-अपने शहरों में तिरंगा मार्च निकालें. दिपके ने कहा, 'जो लोग दिल्ली नहीं आ सकते, वे अपने शहरों में शाम को तिरंगा मार्च निकालें और इनको बता दें कि हमारा तिरंगा हमारा गर्व है और इसे लहराना कोई अपराध नहीं है.' इस तरह उन्होंने दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम के साथ-साथ दूसरे शहरों में भी तिरंगा मार्च निकालने की अपील की है.
'जेल जाने की चिंता नहीं, तिरंगा लहराकर रहूंगा'
अपने वीडियो में अभिजीत दिपके ने जेल जाने की आशंका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि इस कार्यक्रम के बाद उन्हें भी जेल में डाल दिया जाए, लेकिन वह इससे चिंतित नहीं हैं. दिपके ने कहा, 'हो सकता है कि इसके बाद मुझे भी जेल में डाल दिया जाए, लेकिन मुझे इसकी चिंता नहीं है. मेरा तिरंगा मेरा गर्व है और मैं इसे लहराकर ही रहूंगा.'
उनके इस बयान से साफ है कि वह 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में तिरंगा लहराने के अपने ऐलान पर कायम रहने की बात कह रहे हैं. उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए लोगों से समर्थन मांगा है और दिल्ली से बाहर रहने वालों को भी अपने शहरों में मार्च निकालने के लिए कहा है.
क्या है 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हिरासत का मामला?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे समेत CJP के कुल 14 सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे थे. पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डीनोटिफाइ किए जाने के बाद ये लोग एक निजी परिसर से होकर वहां पहुंचे थे. पुलिस के अनुसार, हाल ही में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से डीनोटिफाइ किया गया था. ऐसे में जब ये लोग वहां पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. पुलिस का आरोप है कि इस दौरान इन लोगों ने पुलिस के काम में बाधा उत्पन्न की. इसके बाद सभी 14 लोगों को हिरासत में लिया गया.
मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर 2026 को इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गईं. पहली FIR कनॉट प्लेस थाने में दर्ज हुई, जबकि दूसरी FIR संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई. पहली FIR नंबर 289/26 कनॉट प्लेस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(a), 332 और 61(2) के तहत दर्ज की गई. दूसरी FIR नंबर 128/26 संसद मार्ग थाने में BNS की धारा 221, 115(2), 132, 121(1) और 3(5) के तहत दर्ज की गई. पुलिस ने बताया कि इस मामले में सभी 14 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
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