देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अभिजीत दीपके ने ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा मुद्दा उठाया है. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आजादी के आठ दशकों में अगर कोई चीज सबसे ज्यादा नजरअंदाज हुई है, तो वह गांव के सरकारी स्कूल हैं. देश में नया संसद भवन और नया पीएम हाउस तो बन गया, लेकिन गांवों में बेहतर स्कूल क्यों नहीं बन पाए, यह एक बड़ा सवाल है. क्या गांव के किसान और मजदूरों के बच्चे देश का भविष्य नहीं हैं? आज भी ग्रामीण इलाकों में बच्चों को दूर-दूर तक पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता है, जहां न पीने का साफ पानी है और न ही टॉयलेट की सुविधा, जिससे खास तौर पर छोटी बच्चियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
ADVERTISEMENT
हिंगोली से करेंगे शुरुआत, सरपंचों से की स्कूल ठीक करने की अपील
अभिजीत दीपके ने इस स्वतंत्रता दिवस पर एक नई शुरुआत करने का संकल्प लिया है. उन्होंने बताया कि वह खुद अपने गांव हिंगोली जाकर वहां के सरपंच से स्कूल की हालत सुधारने की गुजारिश करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने देशभर के सभी ग्राम सरपंचों से अपील की है कि वे आगे आएं और अपने-अपने गांवों के सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाएं. उन्होंने घोषणा की कि जो सरपंच अपने गांव के स्कूल की स्थिति में सुधार करेंगे, उनके काम और नाम को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फोटो के साथ प्रमोट किया जाएगा और उन्हें पूरा क्रेडिट दिया जाएगा, ताकि दूसरे सरपंच भी इससे प्रेरणा ले सकें.
अभिभावकों से 'सोशल ऑडिट' की मांग, जल्द जारी होगा फॉर्म
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता से 'सोशल ऑडिट' करने की अपील की है. उन्होंने अभिभावकों से कहा है कि वे स्वयं स्कूलों में जाकर देखें कि बिजली, पीने का पानी, वाशरूम और मिड-डे मील जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं. यदि सुविधाएं नहीं हैं, तो वे इसके वीडियो बनाएं, क्योंकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है. इसके लिए जल्द ही एक फॉर्म भी जारी किया जाएगा, जिसे भरकर अभिभावक स्कूल की स्थिति का ब्यौरा contact@cockroachjantaparty.org पर ईमेल कर सकते हैं.
'असली भारत गांवों में बसता है', मिलकर स्थिति बदलने का आह्वान
अभिजीत दीपके ने देशवासियों से एकजुट होकर ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के भविष्य को संवारने का वादा करने को कहा. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगर सभी लोग मिलकर एक साथ प्रयास करेंगे, तो गांवों के सरकारी स्कूलों की तस्वीर जरूर बदली जा सकती है, क्योंकि असली भारत आज भी गांवों में ही बसता है.
यहां देखें वीडियो
रांची छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई से भड़के अभिजीत दीपके, सरकार पर साधा जमकर निशाना!
ADVERTISEMENT


