दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्र संघ चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला है. डीयू के जाने-माने और चर्चित चेहरे डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव की मौजूदगी में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की. डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा का कांग्रेस में आना पार्टी के लिए काफी अहम माना जा रहा है, खासकर ऐसे वक्त में जब दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की सरगर्मी अपने चरम पर है.
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'आप' का साथ छोड़ पुरानी पार्टी में वापसी
आपको बता दें कि डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े हुए थे. जुलाई 2022 में उन्होंने दिल्ली के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली थी. 'आप' ने उन्हें अपने शिक्षक विंग के प्रमुख चेहरे के रूप में भी प्रमोट किया था. हालांकि, आम आदमी पार्टी में जाने से पहले वे कांग्रेस पार्टी में ही थे और अब उन्होंने पुरानी पार्टी में वापसी करते हुए दोबारा कांग्रेस ज्वॉइन कर ली है. कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने सरकार की नीतियों और व्यवस्था को लेकर कड़े सवाल उठाए और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था में आ रहे संकट पर चिंता व्यक्त की.
शिक्षकों के हितों के लिए रहा है लंबा संघर्ष
डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षकों के बीच एक बहुत बड़ा नाम और उम्मीद माने जाते हैं. वे दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (DUTA) के इतिहास में सबसे युवा प्रेसिडेंट रहने के साथ-साथ तीन बार इस पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. इसके अलावा वे दो बार फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटीज टीचर्स एसोसिएशन (FOCUTA) के भी अध्यक्ष रहे हैं.
साल 1993 से लगातार शिक्षकों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे मिश्रा ने कई बड़े मुद्दों पर सरकार से लोहा लिया है. साल 2003 में शिक्षा के प्राइवेटाइजेशन से जुड़े 'बिरला अंबानी रिपोर्ट' के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन खड़ा कर उसे वापस कराने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है. इसके अलावा शिक्षकों के रिटायरमेंट की उम्र 62 से बढ़ाकर 65 साल करने, छठा वेतन आयोग लागू करवाने और ओबीसी रिजर्वेशन के साथ 4500 अतिरिक्त नए पद सृजित कराने में उनकी अहम भूमिका रही है.
डूसू चुनाव की तारीख और सियासी समीकरण
दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ (DUSU) चुनाव की प्रक्रिया तेज हो चुकी है और आगामी 18 सितंबर 2026 को डूसू के चुनाव होने हैं. इस बार अध्यक्ष पद के लिए सबसे ज्यादा 25 वैध नामांकन पाए गए हैं, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए 20, सचिव के लिए 24 और संयुक्त सचिव पद के लिए 19 नामांकन पत्र प्रारंभिक जांच में सही मिले हैं. ऐसे में डॉ. आदित्य नारायण मिश्रा का कांग्रेस पार्टी में शामिल होना और उनका शिक्षक राजनीति व डीयू के छात्रों के बीच लंबा प्रभाव होना, कांग्रेस को इस चुनावी माहौल में कितना फायदा पहुंचा पाएगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.
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