Ashutosh Ranka Cjp Protest: असम पुलिस में पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद सीजेपी (CJP) नेता आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने अपनी गिरफ्तारी और डिटेंशन को पूरी तरह से इललीगल बताते हुए कहा कि प्राइवेट प्रॉपर्टी से इस तरह उठाना डिटेंशन नहीं बल्कि किडनैपिंग है. इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा.
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पुलिस कार्रवाई को बताया गैर-कानूनी
आशुतोष रांका और उनके साथ 40 से अधिक वॉलंटियर्स को 10 घंटे से ज्यादा समय तक पुलिस हिरासत में रखा गया था. रिहा होने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब पुलिस से डिटेंशन का आधार पूछा गया, तो उनका सिर्फ एक ही जवाब था कि 'ऊपर से आदेश आए हैं'. रांका ने आरोप लगाया कि सरकार की कोशिश उन्हें डराने और दबाने की थी, लेकिन जितना दमन किया जाएगा, युवाओं की क्रांति उतनी ही तेजी से फैलेगी.
13 करोड़ वोटर्स के नाम हटाने का लगाया गंभीर आरोप
आशुतोष रांका ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देश के 13 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से अवैध रूप से हटाने का बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि असम में जिस तरह से विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को री-ड्रॉ किया गया, उससे एक-एक गांव के लोग तीन अलग-अलग विधानसभाओं में जाकर वोट डालने को मजबूर हैं. यह पूरी कवायद केवल राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए की गई है, जिसे लोकतंत्र में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
2 अक्टूबर से आर-पार की लड़ाई का ऐलान
सीजेपी नेता ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम अब खत्म हो चुका है. अब सीजेपी अपनी ओर से कार्रवाई करेगी और 2 अक्टूबर से गांधी जयंती के मौके पर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन की शुरुआत होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है. इसके साथ ही नॉर्थ-ईस्ट के सभी राज्यों में छात्र और युवा मुद्दों को लेकर सीजेपी का संगठन विस्तार किया जाएगा.
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