पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में शिक्षा सुधार मुहिम से जुड़े युवा छात्र अब्दुल और उनके परिवार के साथ हुई मारपीट और हिंसा के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. इस घटना को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के आशुतोष रांका ने बांकुड़ा के पीड़ित गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सरकार के सामने चार मुख्य मांगें रखी हैं. आशुतोष रांका ने स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि अगले 10 दिनों में इन मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो बांकुड़ा जिले के जिला कार्यालय का घेराव किया जाएगा.
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जंतर-मंतर से शुरू हुआ था आंदोलन का सिलसिला
पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के इंदस क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांव के निवासी अब्दुल 18 जुलाई को देश में शिक्षा सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर गए थे. वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद लेकर पहुंचे थे. जंतर-मंतर से वापस लौटने के बाद जब अब्दुल ने अपने गांव में 'स्कूल ठीक करो' कैंपेन शुरू करने का प्रयास किया और गांव के सरकारी स्कूल के हेडमास्टर काशीनाथ दे से स्कूल ऑडिट और बातचीत की अनुमति मांगी, तो आरोप है कि उनके साथ विवाद शुरू हो गया.
घर पर हमला और अस्पताल में भी हिंसा
घटना के दौरान आरोप लगाया गया है कि हेडमास्टर द्वारा सूचना दिए जाने के बाद कथित तौर पर भाजपा से जुड़े स्थानीय लोगों और गुंडों ने अब्दुल के घर की बिजली काट दी और पूरे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया. इस हमले में अब्दुल के गले पर लोहे की सरिये से चोट पहुंचाई गई. बीच-बचाव करने आए उनके पिता के साथ भी मारपीट की गई. इतना ही नहीं, जब पीड़ित परिवार बिना किसी पुलिस सुरक्षा के अस्पताल पहुंचा, तो वहां भी करीब 200 से 300 लोगों की भीड़ ने उन पर फिर से हमला करने और हथियार लहराने का प्रयास किया. जब परिवार शिकायत दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंचा, तो वहां भी उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश की गई.
CJP ने बंगाल सरकार के समक्ष रखीं 4 मुख्य मांगें
बांकुड़ा में पीड़ित परिवार से बातचीत और स्थिति देखने के बाद आशुतोष रांका ने बंगाल सरकार के सामने 4 स्पष्ट मांगें रखी हैं:
अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी: एफआईआर में दर्ज करीब 10 अज्ञात गुंडों को अगले 10 दिनों के भीतर गिरफ्तार किया जाए और उन पर कड़ी कानूनी धाराएं लगाई जाएं.
पुलिस की भूमिका की स्वतंत्र जांच: इंदस पुलिस थाने के पुलिसकर्मियों की इस घटना में संदिग्ध भूमिका और लापरवाही की जांच के लिए कोर्ट-मैंडेटेड (अदालत द्वारा निर्देशित) निष्पक्ष कमेटी का गठन किया जाए.
परिवार को राउंड-द-क्लॉक सुरक्षा: जब तक परिवार को सुरक्षा का खतरा है, तब तक अब्दुल और उनके परिजनों को 24 घंटे (राउंड द क्लॉक) पुलिस प्रोटेक्शन दी जाए.
दिवंगत पिता के नाम पर वर्ल्ड क्लास स्कूल: अब्दुल के परिवार ने सरकार से किसी भी तरह का व्यक्तिगत मुआवजा लेने से साफ इनकार कर दिया है. उनकी मांग है कि सरकार मुआवजे की राशि के बदले अब्दुल के दिवंगत पिता के नाम पर एक 'वर्ल्ड क्लास' सरकारी स्कूल का निर्माण करें.
मुआवजा लेने से किया इनकार, स्कूल निर्माण की जिद
अब्दुल और उनके परिवार का कहना है कि व्यक्तिगत मुआवजा कुछ समय ही चलेगा, लेकिन अगर सरकार देश और राज्य की शिक्षा प्रणाली सुधारने के प्रति गंभीर है, तो उनके पिता के नाम पर एक बेहतरीन मॉडल स्कूल बनाए. उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि जब तक राज्य और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं आ जाता, तब तक वह मैदान में डटे रहेंगे और पीछे नहीं हटेंगे.
10 दिन का अल्टीमेटम और आगे की रणनीति
CJP की तरफ से यह भी घोषणा की गई कि संगठन अब्दुल के परिवार की सहायता के लिए अपने स्तर पर फंड रेजिंग (Fundraising) करेगा. आशुतोष रांका ने कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर सरकार और पुलिस प्रशासन ने इन मांगों को पूरा नहीं किया, तो बांकुड़ा जिला कार्यालय का घेराव किया जाएगा. इसके अलावा, 'स्कूल ठीक करो' कैंपेन को और तेज किया जाएगा और अब्दुल के नेतृत्व में पूरी टीम बांकुड़ा सहित पूरे पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में जाकर स्थिति का जायजा लेगी.
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