Burari Ground Protest Site: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दशकों से धरना-प्रदर्शन का केंद्र रहे जंतर-मंतर को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है. गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों के बाद जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए डी-नोटिफाई कर दिया गया है, क्योंकि वहां लगातार होने वाले आयोजनों और भीड़भाड़ के कारण भारी ट्रैफिक जाम व सुरक्षा संबंधी समस्याएं खड़ी हो रही थीं. इसकी जगह अब दिल्ली में तीन नए आधिकारिक प्रोटेस्ट साइट्स बनाए गए हैं, जिनमें उत्तर दिल्ली का विशाल बुराड़ी ग्राउंड भी शामिल है.
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कितना बड़ा है बुराड़ी ग्राउंड और क्या हैं इसकी खासियतें?
बुराड़ी ग्राउंड की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा परिसर लगभग 59 एकड़ के विशाल क्षेत्रफल में फैला हुआ है. इसकी क्षमता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक ही समय में यहां एक लाख से अधिक लोग इकट्ठा होकर प्रदर्शन या सभा कर सकते हैं. कुछ साल पहले तक इस स्थान पर बड़े धार्मिक आयोजन जैसे निरंकारी समागम हुआ करते थे. अब इसे प्रशासनिक रूप से विरोध प्रदर्शनों के लिए तैयार किया गया है, ताकि शहर के अन्य हिस्सों में आम नागरिकों को ट्रैफिक या आवाजाही की असुविधा का सामना न करना पड़े.
बेहतर कनेक्टिविटी और अन्य दो नए स्थल
प्रशासनिक दृष्टिकोण से इस स्थल की लोकेशन को काफी सुविधाजनक माना जा रहा है. यह आउटर रिंग रोड से सीधे जुड़ा हुआ है, जिससे बाहर से आने वाले वाहनों और प्रदर्शनकारियों को यहां पहुंचने में आसानी होगी. इसके अलावा, मजलिस पार्क, बुराड़ी और जीटीबी नगर जैसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन भी इस क्षेत्र तक पहुंच को सुगम बनाते हैं. गौर करने वाली बात यह है कि बुराड़ी ग्राउंड के अलावा पूर्वी दिल्ली का सीबीडी ग्राउंड (कड़कड़डूमा) और ऐतिहासिक रामलीला मैदान को भी दिल्ली के नए प्रोटेस्ट साइट्स की सूची में शामिल किया गया है. इन नए नियमों के लागू होने के बाद अब शहर में प्रदर्शनों की रूपरेखा पूरी तरह बदलने वाली है.
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