10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होगा CJP का प्रोटेस्ट? सस्पेंस के बीच आई बड़ी खबर

अरविंद ओझा

• 02:09 PM • 07 Oct 2026

CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है. CJP प्रवक्ता सौरव दास ने संसद मार्ग थाने पहुंचकर पुलिस को प्रदर्शन की जानकारी दी है. हालांकि अभी प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है और नई दिल्ली इलाके में BNS की धारा 163 लागू है. जानें 10 अक्टूबर के प्रदर्शन पर क्या है सस्पेंस.

CJP Protest 10 October Latest Update
CJP Protest 10 October Latest Update
Google CTA

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ महीनों से लगातार धरने और विरोध प्रदर्शन देखे जा रहे है. बीते कल यानी 6 अक्टूबर को भी INDIA ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग तक मार्च निकाला था, जिस दौरान खूब हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. इसी बीच अब कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP भी विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में है. CJP ने ऐलान किया है कि 10 अक्टूबर को एक बार फिर से जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त(CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे. इसी प्रोटेस्ट को लेकर आज CJP प्रवक्ता सौरव दास संसद मार्ग थाने में पहुंचे थे और वहां उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी है. लेकिन सवाल है कि क्या 10 अक्टूबर को CJP फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर पाएगी या नहीं? आइए विस्तार से जानते हैं पूरी बात.

Read more!

सौरव दास ने क्या-कुछ बताया?

संसद मार्ग थाने में पुलिस को विरोध प्रदर्शन की जानकारी देने से पहले CJP प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि, देश भर में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे है. 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी भी प्रोटेस्ट करने जा रही है और इसी की जानकारी देने हम यहां पहुंचे है. हमने पहले भी इन्हें बता दिया था, फिर भी आज हम फॉर्मल तरीके से उन्हें बताने आए है कि देश के युवा 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एक शांति भरा विरोध प्रदर्शन करने जा रहे है.

इसी दौरान जब सौरव दास से पूछा गया कि अगर आपको प्रोटेस्ट की इजाजत नहीं मिलती है तो क्या होगा? इस पर उन्होंने कहा कि हम यहां परमीशन लेने नहीं आए है. दिल्ली पुलिस कौन होती है परमीशन देने वाली? दिल्ली पुलिस का काम है कि नागरिकों का सुरक्षा करें, लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करें, ट्रैफिक अरेंजमेंट्स करें कि जिससे दूसरे लोगों को थोड़ा ज्यादा प्रॉब्लम ना हो. हम बस यहां जानकारी देने आए थे. सौरव दास ने साफ तौर पर कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने तक यह आंदोलन जारी रहेगा.

प्रोटेस्ट पर सस्पेंस बरकार

मिली जानकारी के मुताबिक, सौरव दास ने संसद मार्ग थाने में पुलिस को सारी जानकारी दे दी है और उन्हें पुलिस की ओर से एक्नॉलेजमेंट भी मिल गया है. हालांकि अभी तक उन्हें प्रोटेस्ट करने की इजाजत नहीं दी गई है. वहीं दूसरी ओर नई दिल्ली इलाके में फिलहाल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू है. यानी एक स्थान पर 5 या उससे अधिक लोग एक साथ जमा नहीं हो सकते है, जुलूस या रैली नहीं निकाल सकते है. ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन के लिए पुलिस क्या फैसला लेती है.

3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान खड़ा हुआ नया हंगामा

बता दें कि इससे पहले 3 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन के दौरान एक नया हंगामा खड़ा हो गया है. तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए. हालांकि शिकायत मिलते ही दिल्ली पुलिस ने मामले के निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया. वहीं इसे लेकर कुछ पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर धरना दिया और FIR दर्ज करने की मांग की थी.

दिल्ली: ACP पर आरोप और FIR को लेकर घमासान! थाने से बाहर निकले सौरव दास ने बताया अंदर क्या हुआ?