दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने मंगलवार यानी 24 मार्च को विधानसभा में राजधानी के विकास का नया रोडमैप पेश कर दिया है. सरकार ने इस बार 1,03,700 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश किया है, जिसमें शिक्षा, सेहत और दिल्ली की सड़कों की सूरत बदलने पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है. बजट की सबसे बड़ी बात ये है कि इसमें एमसीडी (MCD) और दिल्ली जल बोर्ड के लिए खजाने का रास्त खोल दिया गया है.
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बेटियों को मिलेगी रफ्तार
सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए बड़े और खुश करने वाले ऐलान किए हैं. अब दिल्ली के सरकारी स्कूलों की 9वीं कक्षा की हर छात्रा को सरकार की ओर से साइकिल तोहफे में दी जाएगी. वहीं, पढ़ाई में अव्वल आने वाले 10वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे.
सिर्फ गैजेट्स ही नहीं पढ़ाई के तरीके को भी हाईटेक बनाया जा रहा है. दिल्ली की 8,777 क्लासरूम्स में अब स्मार्ट बोर्ड लगेंगे जिसके लिए 'स्मार्ट क्लास प्रोजेक्ट' के तहत 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यह कदम प्रधानमंत्री के '4-एस' विजन (स्पीड, स्किल, स्ट्रेंथ और स्केल) को जमीन पर उतारने की एक कोशिश है.
दिल्ली की जेब भरी, अब धूल मुक्त होंगी सड़कें
बजट पेश करते हुए रेखा गुप्ता ने गर्व से बताया कि दिल्ली प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) के मामले में अब देश में तीसरे नंबर पर काबिज हो गई है. उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले इंफ्रास्ट्रक्चर पर महज 6-7 हजार करोड़ खर्च होते थे, जिसे हमारी सरकार ने बढ़ाकर 28 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है.
सड़कों को चकाचक और धूल मुक्त बनाने के लिए सरकार 1,392 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है. साथ ही, लंबे समय से अटके पड़े 'बारापुला कॉरिडोर' के काम में तेजी लाने के लिए 210 करोड़ रुपये दिए गए हैं.
यमुना पार और बिजली के तारों का कायाकल्प
पूर्वी दिल्ली यानी यमुना पार के रहने वालों के लिए भी खुशखबरी है. इलाके के पहले चरण के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये का स्पेशल फंड रखा गया है. इसके अलावा, दिल्ली की गलियों में लटकते बिजली के तारों के जंजाल से मुक्ति दिलाने के लिए 52,000 किलोमीटर लंबी लाइनों को अंडरग्राउंड (भूमिगत) करने का लक्ष्य है, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
बजट की बड़ी बातें
- कुल बजट: 1,03,700 करोड़ रुपये
- MCD को तोहफा: पहली बार 11,666 करोड़ रुपये का फंड
- दिल्ली जल बोर्ड: पानी की सुविधाओं के लिए 9,000 करोड़ रुपये
- PWD विभाग: सड़कों और निर्माण के लिए 5,921 करोड़ रुपये
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