दिल्ली से गुरुग्राम और फरीदाबाद आने-जाने वाले लाखों नौकरीपेशा लोगों और आम मुसाफिरों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है. आने वाले दिनों में इन तीनों शहरों के बीच का सफर न सिर्फ बेहद आसान हो जाएगा बल्कि आपको रेंगते ट्रैफिक से भी बड़ी राहत मिल सकती है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी की बेहद महत्वपूर्ण मंडी रोड को नेशनल हाईवे घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है.
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सीएम रेखा गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लिखी चिट्ठी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देश के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक औपचारिक पत्र भेजकर यह बड़ी मांग उठाई है. सीएम ने अनुरोध किया है कि दक्षिण दिल्ली की इस लाइफलाइन यानी मंडी रोड का पूरा जिम्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंप दिया जाए. मुख्यमंत्री चाहती हैं कि करीब 8.8 किलोमीटर लंबी इस बेहद महत्वपूर्ण सड़क का कायाकल्प और चौड़ीकरण का सारा काम अब एनएचएआई (NHAI) की देखरेख में ही पूरा किया जाए.
आखिर क्यों इतनी खास है मंडी रोड?
मंडी रोड दिल्ली और हरियाणा को जोड़ने वाला एक ऐसा रास्ता है जिस पर रोजाना हजारों गाड़ियों का दबाव रहता है. यह सड़क छतरपुर मेट्रो स्टेशन के बिल्कुल पास से गुजरने वाले NH-148A (मेहरौली-गुरुग्राम रोड) से शुरू होती है और दिल्ली-हरियाणा के बॉर्डर पर सीधे गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जाकर मिल जाती है. मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में साफ तौर पर कहा कि यह सड़क दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे तीन बड़े आर्थिक हब के बीच एक बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ाई का काम करती है. इंटरस्टेट ट्रैफिक के सुचारू रूप से चलने के लिए इस रास्ते का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है.
UTTIPEC की बैठक में पहले ही मिल चुका है समर्थन
इस सड़क के चौड़ीकरण और कायाकल्प की योजना कोई नई नहीं है. मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 27 सितंबर 2023 को हुई UTTIPEC की 68वीं बैठक में भी इस बात पर गहराई से चर्चा हुई थी. उस मीटिंग में भी मंडी रोड को चौड़ा करने और इसके समग्र विकास (Overall Development) के प्रस्ताव का पूरा समर्थन किया गया था. अब बस इंतजार इस बात का है कि केंद्र सरकार इस पर अंतिम मुहर लगा दे.
एनएचएआई को जिम्मेदारी मिलने से क्या बदलेगा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का मानना है कि अगर इस सड़क को नेशनल हाईवे का दर्जा मिल जाता है तो एनएचएआई के हाथों में कमान आने से सड़क का निर्माण हाई-टेक इंजीनियरिंग मानकों के तहत होगा. हाईवे प्रोजेक्ट्स के तहत इसका अपग्रेडेशन तय समय सीमा के भीतर पूरा हो सकेगा. इससे पूरे दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी को एक नई मजबूती मिलेगी. रोजाना दफ्तर आने-जाने वालों का कीमती समय बचेगा और इस पूरे इलाके के आर्थिक विकास को भी एक नई गति मिलेगी.
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