कौन हैं रियाजुद्दीन मंसूरी? जिनकी बहादुरी से बचीं कई जिंदगियां, CM रेखा गुप्ता ने खुद बुलाकर किया सम्मानित

Riyazuddin Mansuri Gadde Wale Uncle: दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में जब लोग जान बचाने के लिए ऊंचाई से कूद रहे थे, तब एक शख्स ने बिना अपनी परवाह किए लाखों रुपये के गद्दे बिछा दिए. इस बहादुरी से कई लोगों की जान बच गई. अब दिल्ली सरकार ने उन्हें सम्मानित किया है.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रियाजुद्दीन को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रियाजुद्दीन को किया सम्मानित

दिनेश यादव

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Riyazuddin Mansuri Kaun Hain: कहते हैं कि आपदा और हादसे के वक्त जब हर कोई अपनी जान बचाकर भाग रहा होता है, तब कुछ ऐसे फरिश्ते सामने आते हैं जो दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए मौत के कुएं में भी कूदने से नहीं हिचकिचाते. इन हीरोज में आज एक बड़ा नाम बन चुके हैं रियाजुद्दीन मंसूरी, जिन्हें दुनिया अब 'गद्दे वाले अंकल' के नाम से जान रही है. क्या है पूरा मामला क्यों रियाजुद्दीन को दिल्ली की मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित, चलिए जानते हैं इस खबर में...

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पहले जानिए कौन हैं रियाजुद्दीन मंसूरी?

दरअसल, हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक होटल में भीषण आग लग गई थी. मंजर इतना खौफनाक था कि 21 लोग उस आग में मौत हो गई. घटना के दोरान लोग अपनी जान बचाने के लिए होटल की बालकनी से नीचे कूदने को मजबूर हो गए थे. उस वक्त रियाजुद्दीन मंसूरी ने अपनी इंसानियत का परिचय दिया. उन्होंने बिना सोचे-समझे अपनी दुकान के डेढ़ से दो लाख रुपये की कीमत के गद्दे जमीन पर बिछा दिए. जो लोग ऊपर से कूद रहे थे, वे सीधे गद्दों पर गिरे और इस तरह करीब 8 लोगों की जान बच गई.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया सम्मानित

रियाजुद्दीन के इस निस्वार्थ भाव और बहादुरी को दिल्ली सरकार ने सलाम किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन्हें विशेष रूप से दिल्ली सचिवालय आमंत्रित किया. यहाँ उन्हें 21,000 रुपये की सम्मान राशि और एक प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया. रियाजुद्दीन के साथ ही दिल्ली पुलिस के दो जांबाज कांस्टेबलों, दिनेश और मनीष को भी सम्मानित किया गया. इन दोनों जवानों ने अपनी ड्यूटी से ऊपर उठकर मलबे और आग के बीच से लोगों को बाहर निकाला था और इस दौरान वे खुद भी घायल हो गए थे.

ईमानदारी की भी मिसाल बने रियाजुद्दीन

रियाजुद्दीन मंसूरी न केवल बहादुरी, बल्कि ईमानदारी की भी मिसाल हैं. जब देश को पता चला कि लोगों की जान बचाने में उनके लाखों के गद्दे खराब हो गए हैं, तो देशभर से लोगों ने उनकी मदद के लिए पैसे भेजना शुरू कर दिया. लेकिन जैसे ही उनके नुकसान की भरपाई हुई, उन्होंने तुरंत एक वीडियो जारी कर लोगों से अपील की कि अब उनके खाते में पैसे न डालें क्योंकि उनकी भरपाई हो चुकी है.

रियाजुद्दीन साहब जैसे जांबाज हमें यह सिखाते हैं कि इंसानियत और बहादुरी से बड़ा कोई धर्म नहीं होता. मुश्किल घड़ी में उनके द्वारा उठाए गए एक छोटे से कदम ने कई परिवारों के चिराग बुझने से बचा लिए. रेखा सरकार द्वारा दिया गया यह सम्मान ऐसे ही गुमनाम हीरोज के हौसले को बढ़ाने का काम करता है.

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