दिल्ली में महंगी होगी बिजली! इतने यूनिट से ज्यादा खर्च करने वालों पर पड़ेगा असर, जानिए कितना बढ़ेगा बिल

Delhi Electricity Bill Hike: दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है. डीईआरसी ने पीपीएसी सरचार्ज बढ़ाने को मंजूरी दे दी है, जिससे जून 2026 से कई इलाकों में बिजली बिल बढ़कर आएगा. जानिए किन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, किसे ज्यादा भुगतान करना होगा और आपके इलाके पर इसका कितना असर पड़ेगा.

दिल्ली में महंगी होगी बिजली!
दिल्ली में महंगी होगी बिजली!

दिनेश यादव

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Delhi Electricity Bill Hike: भीषण गर्मी और पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे दिल्लीवासियों के लिए एक और बुरी खबर आई है. दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. अब जून 2026 के महीने से दिल्ली वालों को बिजली का बढ़ा हुआ बिल चुकाना होगा. यह फैसला राजधानी में बिजली आपूर्ति करने वाली तीनों मुख्य कंपनियों की सिफारिश के बाद लिया गया है.

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क्या है PPAC और क्यों बढ़ी कीमतें?

दरअसल, दिल्ली में बिजली महंगी होने का मुख्य कारण पीपीएसी (PPAC - Power Purchase Adjustment Charge) में की गई वृद्धि है. डीईआरसी ने बिजली वितरण कंपनियों (बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टीपीडीडीएल) को अप्रैल 2026 के लिए इस सरचार्ज को वसूलने की अनुमति दे दी है. अब तक पीपीएसी की सीमा 10% तय थी, जिसे बढ़ाकर अब 16% से 17% कर दिया गया है. सरल शब्दों में कहें तो, बिजली कंपनियों को बिजली खरीदने के लिए जो अतिरिक्त लागत (ईंधन और कोयला) चुकानी पड़ रही है, उसका बोझ अब उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा.

किस इलाके में कितना बढ़ेगा बिल?

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों के हिसाब से चार्ज अलग-अलग होंगे:

  • दक्षिणी और पश्चिमी दिल्ली (BRPL): यहां पीपीएसी चार्ज 17.94% वसूला जाएगा.
  • पूर्वी और मध्य दिल्ली (BYPL): यहां के उपभोक्ताओं को 17.43% सरचार्ज देना होगा.
  • उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली (Tata Power - TPDDL): यहां 16% पीपीएसी चार्ज लागू होगा.

इसका मतलब यह है कि टाटा पावर वाले इलाकों में करीब 1% और बीएसईएस वाले इलाकों में 2.5% से 3.5% तक बिल बढ़कर आएगा.

किसे मिलेगी राहत और किसे लगेगा झटका?

राहत की बात यह है कि दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं पर इसका असर नहीं होगा.

  • 0 से 200 यूनिट: जो लोग 200 यूनिट तक बिजली खर्च करते हैं और जिनका बिल जीरो आता है, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है
  • 200 से 400 यूनिट: सब्सिडी वाले इन उपभोक्ताओं पर भी बहुत मामूली असर पड़ेगा
  • 400 यूनिट से ज्यादा: असली मार उन लोगों पर पड़ेगी जो 400 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं या जो सब्सिडी के दायरे से बाहर हैं

व्यापारियों और इंडस्ट्री पर सबसे ज्यादा असर

सबसे ज्यादा प्रभावित दिल्ली का व्यापारी वर्ग और फैक्ट्री मालिक होंगे. करोल बाग, चांदनी चौक और सदर बाजार जैसे इलाकों के दुकानदारों के बिलों में हजारों रुपये की बढ़ोतरी होने की आशंका है. जानकारों की मानें तो दिल्ली में कमर्शियल बिजली की दरें अब पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुकाबले 15% से 20% तक महंगी हो जाएंगी.

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