नई दिल्ली: दिल्ली का उत्तम नगर इलाका पिछले कुछ दिनों से सांप्रदायिक तनाव की चपेट में है. होली के दिन तरुण नाम के युवक की हत्या के बाद से ही यहां हिंदू-मुस्लिम संगठनों के बीच खींचतान की खबरें आ रही थीं. इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए दिल्ली पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के कड़े निर्देश दिए हैं.
ADVERTISEMENT
हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
कानून व्यवस्था को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से सुरक्षा तैयारियों की पूरी जानकारी मांगी. पुलिस की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि हालात से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा चुके हैं. हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा के गुप्त विवरणों का खुलासा खुली अदालत में करने से इनकार कर दिया.
8 कंपनियां और 400 जवान संभालेंगे मोर्चा
द्वारका जिले के 11 थानों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है. इलाके में केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ-साथ सशस्त्र पुलिस की 8 कंपनियां तैनात की गई हैं. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 400 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है. 100 से ज्यादा जगहों पर चेक पोस्ट (जांच चौकियां) बनाई गई हैं और छतों से भी इलाके की निगरानी की जा रही है.
नफरत फैलाने वालों पर 'डिजिटल स्ट्राइक'
सोशल मीडिया पर अफवाहों और नफरत भरे भाषणों (Hate Speech) को रोकने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया है. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि अब तक 50 से ज्यादा 'टेक डाउन नोटिस' जारी किए जा चुके हैं ताकि भड़काऊ कंटेंट को इंटरनेट से हटाया जा सके.
शांतिपूर्ण ईद और रामनवमी की अपील
हाईकोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि ईद और रामनवमी जैसे त्योहार खुशी के मौके होते हैं, इसलिए पुलिस यह सुनिश्चित करे कि किसी भी तरह की हिंसा या अप्रिय घटना न हो. कोर्ट ने निर्देश दिया कि सुरक्षा के यह प्रबंध रामनवमी के बाद तक जारी रखे जाएं ताकि अमन और चैन बना रहे.
ADVERTISEMENT


