दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था (Public Transport) को अधिक आधुनिक, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए सरकार ने राजधानीवासियों को एक बड़ी सौगात दी है. दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से एलजी तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 200 नई लो-फ्लोर एयर कंडीशन (AC) इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
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परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के अनुसार, इन 200 नई ई-बसों के शामिल होने के साथ ही डीटीसी (DTC) के बेड़े में कुल बसों की संख्या बढ़कर 6,800 हो गई है. इसमें 4,938 इलेक्ट्रिक बसें और 10,750 सीएनजी बसें शामिल हैं.
बसों की मुख्य विशेषताएं और सुरक्षा व्यवस्था
नए बेड़े में 12 मीटर की 88 इलेक्ट्रिक बसें और 9 मीटर वाली 112 'DEVI' इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं. यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए ये बसें आधुनिक तकनीकों से लैस हैं:
- सुरक्षा प्रबंध: सीसीटीवी (CCTV) कैमरे, पैनिक बटन और रियल-टाइम जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग की सुविधा.
- दिव्यांग अनुकूल: दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
- भविष्य का लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या को बढ़ाकर लगभग 14,000 करने का है.
महिलाओं और छात्राओं के लिए 56 'DEVI' लेडीज स्पेशल बसें
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 56 इलेक्ट्रिक बसों का विशेष संचालन शुरू किया गया है :
- रूट्स और ट्रिप्स: अधिक मांग वाले 15 रूटों पर लेडीज स्पेशल की 30 ट्रिप्स और 13 यूनिवर्सिटी रूटों पर 'यू-स्पेशल' (U-Special) की 26 ट्रिप्स चलेंगी.
- प्रमुख कॉलेज कनेक्टिविटी: यह सेवा हिंदू कॉलेज, रामजस, दौलतराम, SRCC, LSR, गार्गी, हंसराज, SPM और देशबंधु कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी.
- ऑफिस गोअर्स के लिए राहत: पीक आवर्स के दौरान नेहरू प्लेस, एम्स, साउथ एक्सटेंशन, आर.के. पुरम, कनॉट प्लेस, आईटीओ और दिल्ली सचिवालय जैसे इलाकों में आवाजाही आसान होगी.
- पहचान: लेडीज स्पेशल बसों की पहचान के लिए बस स्टॉप्स और टर्मिनलों पर विशेष स्टिकर लगाए गए हैं.
हरियाणा (करनाल) के लिए भी अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू
दिल्ली से दूसरे राज्यों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाते हुए महाराणा प्रताप ISBT कश्मीरी गेट से हरियाणा के करनाल तक (133 किमी) 5 नई एसी बसों का संचालन शुरू किया गया है. यह बसें सिंधु बॉर्डर, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत और मधुबन से होकर गुजरेंगी तथा प्रतिदिन दोनों दिशाओं में 10 ट्रिप्स लगाएंगी.
इसके अतिरिक्त, ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए राजघाट डिपो-1 पर ₹5.50 करोड़ की लागत से 240 kW क्षमता वाला एक मेगा पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किया गया है.
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