दिल्ली के मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित एक होटल में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद होटल के मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, लवकेश के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन अब पुलिस की पूछताछ में उसने एक ऐसा नाम लिया है जिसने पूरे मामले में हड़कंप मचा दिया है. खुद को बचाने के लिए लवकेश बजाज ने 'जय मिश्रा' नाम के एक नए किरदार का खुलासा किया है, जिसके बाद पुलिस के भी कान खड़े हो गए हैं.
ADVERTISEMENT
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस की हिरासत में आने के बाद लवकेश बजाज ने कल रात पूछताछ में कई बड़ी बातें कबूल की हैं. उसने बताया कि जब होटल में आग लगी, तो वह घटना के वक्त मौके पर जरूर गया था, लेकिन वहां रुका नहीं. हादसे के बाद वह अपने घर भी नहीं गया और खुद को छिपाने के लिए दिल्ली की सड़कों पर घूमता रहा. बिल्डिंग के इतिहास को लेकर लवकेश ने खुलासा किया कि उसने करीब 3 साल पहले यानी साल 2022 में अहलूवालिया नाम की एक पार्टी से यह इमारत किराए पर ली थी. इससे पहले इस जर्जर इमारत में एक खादी की दुकान चलती थी. लवकेश ने यहां पहले किराए पर मकान देना शुरू किया और बाद में इसे पूरी तरह से होटल में तब्दील कर दिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसने पुलिस के सामने यह माना कि उसने इस बिल्डिंग के लिए कभी फायर डिपार्टमेंट से NOC ली ही नहीं थी.
कौन है जय मिश्रा और क्या है उसका रोल?
पुलिस पूछताछ के दौरान लवकेश बजाज ने दावा किया कि वह इस होटल को अकेला ही चला रहा था और उसका कोई बिजनेस पार्टनर नहीं है. हालांकि, उसने होटल की देखरेख और कामकाज का पूरा जिम्मा जय मिश्रा नाम के व्यक्ति को सौंप रखा था. इस खुलासे के बाद जब दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' पॉलिसी के तहत जारी लाइसेंसों की पड़ताल की गई, तो एक बहुत बड़ा खेल सामने आया.
दस्तावेजों के मुताबिक, हौज रानी के इस 'फ्लोरिश स्टे' नामक गेस्ट हाउस (एड्रेस: 269 C2, फौज रानी, मालवीय नगर) का असली और तकनीकी मालिक कागजों में लवकेश बजाज नहीं, बल्कि जय मिश्रा दर्ज है. जांच में सामने आया है कि जय मिश्रा असल में लवकेश बजाज का ही अकाउंटेंट है. लवकेश ने खुद को कानूनी कार्रवाई से सुरक्षित रखने के लिए अपने अकाउंटेंट के नाम पर ही होटल का लाइसेंस लिया हुआ था.
6 कमरों की इजाजत पर चल रहे थे 25 कमरे
पर्यटन विभाग के दस्तावेजों से यह भी साफ हुआ है कि यह प्रॉपर्टी 'सिल्वर कैटेगरी' के तहत रजिस्टर्ड थी. 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' पॉलिसी के नियमों के मुताबिक, इस लाइसेंस के तहत यहां केवल 6 कमरे बनाने और चलाने की अनुमति दी गई थी, जिसकी वैधता 2 मई 2027 तक है. लेकिन नियमों को ताक पर रखकर इस इमारत में अवैध रूप से 25 कमरे तैयार कर दिए गए थे. चूंकि लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर था, इसलिए होटल के तमाम बिल भी उसी के नाम पर आते थे. जांच में यह भी पता चला है कि लवकेश बजाज दिल्ली में जितने भी होटल चलाता था, उन सभी के लाइसेंस उसने चालाकी से अपने इसी अकाउंटेंट जय मिश्रा के नाम पर ले रखे थे.
बचाव के लिए लवकेश ने पहले से ही रचा था चक्रव्यूह
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि लवकेश बजाज पर्दे के पीछे रहकर अवैध धंधे का पूरा खेल खुद रचता था और मुनाफा कमाता था. उसने भविष्य में होने वाली किसी भी कानूनी कार्रवाई या हादसे से बचने के लिए बहुत पहले से ही मास्टरप्लान तैयार कर रखा था. उसने जानबूझकर अपने नाम पर कोई लाइसेंस नहीं लिया ताकि कोई भी आंच सीधे उस पर न आए.
फिलहाल आरोपी लवकेश बजाज पुलिस की गिरफ्त में है. अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस शातिराना खेल की वजह से लवकेश बजाज बच निकलेगा या 21 मासूमों की मौत के जिम्मेदार को सख्त सजा मिलेगी. फिलहाल दिल्ली पुलिस जय मिश्रा की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जिसके पकड़े जाने के बाद इस पूरे रैकेट का पूरी तरह पर्दाफाश होने की उम्मीद है.
यहां देखें वीडियो
ADVERTISEMENT


