देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके से एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है. यहां एक पार्क में अपनी ट्रांसजेंडर दोस्त के साथ टहल रही उत्तर-पूर्व (North-East) की एक महिला वकील के साथ न केवल नस्लीय बदसलूकी की गई, बल्कि उन पर बेल्ट और चाकू से जानलेवा हमला भी किया गया. आइए विस्तार से जानते है इस मामले की पूरी कहानी.
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नस्लीय टिप्पणियों से शुरू हुआ विवाद
पीड़िता की बहन के अनुसार, यह घटना रविवार शाम करीब 5:30 से 6:00 बजे के बीच हुई. पीड़िता अपनी एक दोस्त, जो एक सोशल एक्टिविस्ट और ट्रांसजेंडर हैं, के साथ पार्क में फूल देख रही थीं और तस्वीरें खींच रही थीं. इसी दौरान वहां खेल रहे कुछ लड़कों ने उनके लुक्स को लेकर भद्दे कमेंट्स और नस्लीय टिप्पणियां (जैसे 'चाउमीन', 'मोमो') करना शुरू कर दिया. जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो लड़के और भी आक्रामक हो गए और गंदी गालियां देने लगे.
बेल्ट और चाकू से हमला
विवाद बढ़ने पर लड़कों ने महिला के चेहरे पर मुक्का मारा. एक लड़के ने चाकू निकालकर उन पर हमला करने की कोशिश की. जब पीड़िता और उनकी दोस्त जान बचाकर भागने लगीं, तो एक लड़के ने अपनी बेल्ट निकालकर महिला के सिर पर कई वार किए. हमले में महिला के सिर और कान के पास गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में टांके लगवाने पड़े.
तमाशबीन बने रहे लोग
इस पूरी घटना के दौरान सबसे दुखद पहलू यह रहा कि पार्क में कई लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी पीड़िता की मदद के लिए आगे नहीं आया. पीड़िता ने बताया कि लोग बस खड़े होकर देख रहे थे, किसी ने भी हमलावरों को रोकने की कोशिश नहीं की.
पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता ने दिल्ली पुलिस की तत्परता की सराहना की है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज की और त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने रात के समय पीड़ितों को सुरक्षित उनके घर तक भी पहुंचाया.
पीड़िता का सवाल: 'क्या हम भारतीय नहीं?'
पीड़िता की बहन ने भावुक होते हुए कहा कि नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को आज भी उनके लुक्स की वजह से बाहरी क्यों समझा जाता है? उन्होंने मांग की कि बच्चों और बड़ों को यह शिक्षा देने की जरूरत है कि उत्तर-पूर्व के लोग भी उतने ही भारतीय हैं जितने देश के बाकी नागरिक.
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