Delhi Metro High Tech Security Machine: राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो ने यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत और चाक-चौबंद बनाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. किसी भी संभावित आतंकी हमले या संदिग्ध गतिविधियों के खतरों से पूरी तरह निपटने के लिए दिल्ली मेट्रो अपनी सुरक्षा व्यवस्था को बेहद हाईटेक बना रही है. अब अगर कोई सुरक्षा जांच को चकमा देकर किसी भी तरह का विस्फोटक पदार्थ लेकर मेट्रो परिसर में दाखिल होने की कोशिश करता है, तो एक खास इलेक्ट्रॉनिक नाक उसे तुरंत पकड़ लेगी. एक्सप्लोसिव वेपर डिटक्टर (EVD) तकनीक से लैस यह डिवाइस हवा के सूक्ष्म कणों से ही विस्फोटकों की सटीक पहचान कर लेगी.
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कैसे काम करती है यह हाईटेक ईवीडी मशीन?
यह समझना बेहद दिलचस्प है कि सामान्य मेटल डिटेक्टर और इस नई ईवीडी मशीन में क्या अंतर है. आमतौर पर स्टेशनों पर लगे मेटल डिटेक्टर सिर्फ धातु, मेटल और हथियारों की पहचान करते हैं, लेकिन यह ईवीडी मशीन उससे बिल्कुल अलग और एडवांस है. आसान शब्दों में समझें तो यह एक तरह से स्निफर डॉग की भूमिका निभाने वाली इलेक्ट्रॉनिक नाक है. यह मशीन किसी भी संदिग्ध बैग या सामान को बिना छुए उसकी सतह पर मौजूद विस्फोटक के सूक्ष्म कणों और उससे निकलने वाले वाष्प (वेपर) या गंध का हवा के जरिए सैंपल लेती है. अगर हवा में जरा भी विस्फोटक के निशान मिलते हैं, तो मशीन तुरंत अलर्ट अलार्म बजा देती है.
टीएनटी और आरडीएक्स जैसे खतरनाक विस्फोटकों की होगी तुरंत पहचान
यह तकनीक इतनी अधिक पावरफुल है कि यह टीएनटी, आरडीएक्स, पीईटीएन और अन्य खतरनाक विस्फोटक पदार्थों के बेहद बारीक निशानों को भी आसानी से पहचान सकती है. हालांकि, यह मशीन खुद किसी विस्फोटक को निष्क्रिय नहीं करती, बल्कि उसकी मौजूदगी का संकेत देकर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट करती है. जैसे ही ईवीडी से अलर्ट मिलता है, सुरक्षा बल तुरंत हरकत में आकर आगे की कड़ी कार्रवाई करते हैं. फिलहाल दिल्ली मेट्रो ऐसे 7 से भी ज्यादा अत्याधुनिक ईवीडी उपकरणों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले और सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील स्टेशनों पर कर रही है.
75 लाख से अधिक यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो में रोजाना 75 लाख से भी अधिक लोग सफर करते हैं. इतनी भारी संख्या में यात्रियों की आवाजाही के कारण मेट्रो परिसर बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माने जाते हैं. यही वजह है कि कड़ी चेकिंग, सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे निगरानी और सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ अब इन अत्याधुनिक तकनीकों को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि किसी भी अनहोनी या साजिश को समय रहते पूरी तरह नाकाम किया जा सके.
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