Delhi Metro Extra Trains: दिल्ली में रहने वाले और रोजाना मेट्रो से सफर करने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर आई है. सरकार ने ईंधन के संकट को देखते हुए निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की बात कही है. अब इसी को देखते हुए DMRC ने एक बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी ने आगामी 18 मई से मेट्रो ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की निर्णन लिया है. ऐसे में DMRC के इस नए कदम से यात्रियों को सफर के दौरान राहत मिलेंगी.
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हर सोमवार को पटरी पर उतरेंगी छह अतिरिक्त मेट्रो ट्रेनें
DMRC की नई योजना के तहत अब हर सोमवार को मेट्रो नेटवर्क पर 6 अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी. इन नई ट्रेनों के शुरू होने से मेट्रो रोजाना के मुकाबले हर सोमवार को 24 ज्यादा चक्कर लगाएगी. मेट्रो प्रशासन का मानना है कि सोमवार को दफ्तर और काम पर जाने वाले लोगों की सबसे ज्यादा भीड़ होती है, इसलिए इस विशेष सेवा की शुरुआत सोमवार के दिन से की जा रही है. अगर आने वाले समय में यात्रियों की मांग और बढ़ी तो हफ्ते के बाकी दिनों में भी ऐसी ही अतिरिक्त सेवाएं जोड़ी जा सकती हैं.
स्टेशनों पर भीड़ संभालने के लिए किए गए तगड़े इंतजाम
मेट्रो के चक्कर बढ़ने के कारण स्टेशनों पर यात्रियों की तादाद में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है. इस बढ़ते हुए दबाव और भीड़ को सही तरीके से संभालने के लिए दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा और सुविधा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं. मेट्रो प्रशासन ने फैसला किया है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे ताकि कहीं भी अफरातफरी का माहौल न बने.
लंबी लाइनों से बचाने के लिए खुलेंगे नए टिकट काउंटर
यात्रियों को स्टेशनों पर टिकट लेने के लिए लंबी कतारों में न लगना पड़े, इसके लिए प्रशासन नए टिकट काउंटर खोलने जा रहा है. इसके साथ ही यात्रियों के सामान की तेजी से जांच करने के लिए अतिरिक्त बैगेज स्कैनर मशीनें लगाई जाएंगी. इसके अलावा यात्रियों की शारीरिक जांच के लिए फ्रिस्किंग सुविधाओं में भी इजाफा किया जाएगा ताकि लोग बिना किसी देरी के अपना सफर तय कर सकें.
सड़क यातायात पर लोगों की निर्भरता होगी काफी कम
DMRC का कहना है कि उनका पूरा मेट्रो नेटवर्क यात्रियों को एक शानदार और बिना किसी रुकावट के बेहतरीन कनेक्टिविटी देता है. दिल्ली मेट्रो का जाल पहले से ही प्रमुख रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस अड्डों, एयरपोर्ट के टर्मिनलों, आरआरटीएस, नोएडा मेट्रो और रैपिड मेट्रो से सीधे जुड़ा हुआ है. इस मजबूत और फैले हुए नेटवर्क की वजह से लोगों की सड़क परिवहन पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी, जिससे सड़कों पर जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी और देश में ईंधन की खपत को घटाने में भी मदद मिलेगी.
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