दिल्ली वालों के लिए एक बहुत बड़ी और शानदार खुशखबरी है. दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण (Phase-4) के तहत सबसे खास और प्रतीक्षित इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर का निर्माण कार्य आखिरकार शुरू हो गया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बीते दिनों सराय रोहल्ला मेट्रो स्टेशन साइट पर पहुंचकर इस बड़े प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया. इस खास मौके पर सराय रोहल्ला मेट्रो स्टेशन के डायफ्राम वॉल बनाने के काम की शुरुआत की गई, जो कि इस पूरे मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण का सबसे पहला और महत्वपूर्ण चरण माना जाता है. यह कॉरिडोर आने वाले समय में दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट की पूरी तस्वीर और रफ्तार को बदलने की क्षमता रखता है.
ADVERTISEMENT
मजेंटा लाइन बनाएगी दिल्ली मेट्रो का सबसे बड़ा रिकॉर्ड
यह नया कॉरिडोर दिल्ली की कनेक्टिविटी और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के लिए कितना अहम है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके पूरा होने के बाद मजेंटा लाइन दिल्ली मेट्रो का सबसे बड़ा कॉरिडोर बन जाएगी. लगभग सवा 12 किलोमीटर (12.25 किमी) लंबा यह इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर पूरी तरह से अंडरग्राउंड यानी भूमिगत होने वाला है. दरअसल, यह कॉरिडोर वर्तमान मजेंटा लाइन का ही एक विस्तार है. इस पूरे रूट पर कुल 10 अत्याधुनिक और हाईटेक अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे.
इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के पूरा होते ही मजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 89 किलोमीटर हो जाएगी. इतनी लंबाई के साथ यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की सबसे लंबी लाइन होने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लेगी. इसके साथ ही इस विशेष लाइन पर दिल्ली मेट्रो के सबसे ज्यादा इंटरचेंज और सबसे ज्यादा अंडरग्राउंड स्टेशन भी मौजूद होंगे.
इन 10 इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा, देखें स्टेशनों की लिस्ट
इस नए कॉरिडोर के रूट और स्टेशनों को दिल्ली के बेहद व्यस्त और घनी आबादी वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इस नए और आधुनिक अंडरग्राउंड रूट पर जो 10 स्टेशन बनने जा रहे हैं, उनमें इंद्रलोक, दया बस्ती, सराय रोहिल्ला, अजमल खान पार्क, झंडेवालान मंदिर, नबी करीम, नई दिल्ली, दिल्ली गेट, दिल्ली सचिवालय, आईजीआई (इंदिरा गांधी इंडोर) स्टेडियम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं.
इन सभी स्टेशनों के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद दिल्ली के कई घने, प्रमुख व्यापारिक और आवासीय इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को सीधा और बेहद सुगम फायदा मिलेगा. इससे न केवल सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि लोगों का कीमती समय भी बचेगा.
7 मेट्रो लाइनों से सीधा इंटरचेंज, समझिए कनेक्टिविटी का पूरा गणित
इस पूरे कॉरिडोर की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इस सिंगल रूट से यात्रियों को सात अलग-अलग मेट्रो लाइनों के लिए सीधा इंटरचेंज (कनेक्टिविटी) मिलने जा रहा है. इसका सीधा मतलब यह है कि यात्री केवल इस एक कॉरिडोर के जरिए पूरी दिल्ली के किसी भी कोने में बेहद आसानी और कम समय में सफर कर सकेंगे.
अगर इसके कनेक्टिविटी के गणित को विस्तार से समझें तो सबसे पहले इंद्रलोक स्टेशन पर यात्रियों को रेड लाइन और ग्रीन लाइन का इंटरचेंज मिलेगा. वहीं, नबी करीम स्टेशन पर मजेंटा लाइन का इंटरचेंज उपलब्ध होगा. आगे बढ़ते हुए नई दिल्ली स्टेशन पर यात्रियों को येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (ऑरेंज लाइन) से सीधा जुड़ाव मिलेगा. इसके अलावा दिल्ली गेट स्टेशन पर वायलेट लाइन और आखिरी स्टेशन इंद्रप्रस्थ पर यात्री सीधे ब्लू लाइन के लिए मेट्रो बदल सकेंगे.
प्रमुख रेलवे स्टेशन, पर्यटन स्थल और सरकारी दफ्तर आना-जाना होगा आसान
इस अंडरग्राउंड कॉरिडोर के चालू हो जाने से दिल्ली के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों, स्टेडियमों और सरकारी दफ्तरों तक पहुंचना बेहद सीधा और आसान हो जाएगा. इस रूट के जरिए सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली सचिवालय, झंडेवालान मंदिर, अरुण जेटली स्टेडियम, इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, दिल्ली गेट, कर्तव्य पथ, इंडिया गेट, नेशनल वॉर मेमोरियल और सेंट्रल विस्टा जैसे कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक स्थानों तक डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी. इस पूरे रूट में सराय रोहिल्ला मेट्रो स्टेशन सबसे महत्वपूर्ण 'ट्रांजिट हब' के रूप में उभरने वाला है, क्योंकि यह करोल बाग बाजार, लिबर्टी सिनेमा और देशबंधु गुप्ता रोड जैसी घनी आबादी वाले व्यापारिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ने का काम करेगा.
दिसंबर 2030 तक काम पूरा होने की उम्मीद
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में दिल्ली मेट्रो के इस चौथे चरण (Phase-4) को आधिकारिक तौर पर हरी झंडी दी थी. खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वाकांक्षी मेट्रो प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी. अब इस प्रोजेक्ट पर धरातल पर काम बेहद तेजी के साथ शुरू हो चुका है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के योजना के मुताबिक, इस इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर का निर्माण कार्य दिसंबर 2030 तक पूरी तरह से संपन्न होने की उम्मीद जताई गई है. इसके बाद यह रूट आम जनता के सफर के लिए खोल दिया जाएगा.
यहां देखें वीडियो
ADVERTISEMENT


