देश की राजधानी दिल्ली के पालम इलाके से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. बुधवार सुबह करीब 7:00 बजे एक चार मंजिला मकान में भीषण आग लग गई, जिसमें 3 मासूम बच्चों समेत कुल 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. आग इतनी भयंकर थी कि घर के अंदर फंसे 15 लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. इस दौरान जान बचाने के लिए कुछ लोगों ने छत से छलांग लगा दी, जिनमें से दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं.
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शॉर्ट सर्किट और कॉस्मेटिक शॉप ने बढ़ाई आग की तपिश
शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. घर के ग्राउंड फ्लोर पर कॉस्मेटिक की एक दुकान थी, जिसमें भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ रखे हुए थे. इसी वजह से आग ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया.
रेस्क्यू ऑपरेशन: दीवार तोड़कर अंदर घुसी पुलिस
संकरी गलियां होने की वजह से दमकल की 30 गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. इस बीच पुलिस और पड़ोसियों ने दिलेरी दिखाते हुए घर की दीवार तोड़कर लोगों को बचाने की कोशिश की. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी फावड़ा और कुदाल से दीवार में छेद कर रहे हैं ताकि वहां से पाइप डालकर आग बुझाई जा सके और फंसे हुए लोगों को निकाला जा सके. हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद 7 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी.
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
इस भीषण हादसे के बाद दिल्ली प्रशासन में हड़कंप मच गया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के असली कारणों और लापरवाही का खुलासा हो पाएगा.
संकरी गलियां बनीं काल
दिल्ली में आग लगने की यह कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन पालम के इस हादसे ने एक बार फिर शहर की संकरी गलियों और फायर सेफ्टी मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों और तंग रास्तों की वजह से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पातीं, जिसका खामियाजा मासूम लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ता है.
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