महिला पत्रकार के साथ अभद्रता करने के आरोप वाले ACP विवेक भगत ने छोड़ा एडिशनल DCP का प्रभार, सरकार ने रोका प्रमोशन

न्यूज तक डेस्क

• 10:49 AM • 06 Oct 2026

महिला पत्रकार से बदसलूकी के आरोपों में घिरे ACP विवेक भगत ने निष्पक्ष जांच होने तक एडिशनल DCP का प्रभार लेने से इनकार कर दिया है.

ACP विवेक भगत
ACP विवेक भगत
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दिल्ली पुलिस के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) विवेक भगत फिलहाल अपने मौजूदा पद पर ही बने रहेंगे. दिल्ली में चल रहे प्रोटेस्ट के दौरान महिला पत्रकार से कथित बदसलूकी के आरोपों के बीच उन्हें एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (अतिरिक्त DCP) का 'करंट ड्यूटी चार्ज' देने के आदेश को टाल दिया गया है. दिल्ली सरकार के मुताबिक ये फैसला खुद विवेक भगत की गुजारिश पर लिया गया है. उन्होंने कहा है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष और संतोषजनक जांच पूरी नहीं हो जाती वे यह जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे.

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विपक्ष के सवालों के बाद सरकार का फैसला

हाल ही में दिल्ली सरकार ने 5 अक्टूबर को एक आदेश जारी किया था, जिसमें DANIPS कैडर के 12 अफसरों को एडिशनल DCP का करंट ड्यूटी चार्ज दिया गया था. इन 12 अफसरों की सूची में विवेक भगत का नाम भी शामिल था. विवाद सामने आने के ठीक बाद आए इस आदेश को विपक्ष और सोशल मीडिया पर एक तरह से 'प्रमोशन' के तौर पर देखा जा रहा था, जिसको लेकर सरकार पर सवाल खड़े होने लगे थे.

हालांकि, सरकार ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि 12 अधिकारियों को करंट ड्यूटी चार्ज देने का प्रस्ताव 25 अगस्त को ही तैयार कर लिया गया था यानी उस घटना से काफी पहले जिसको लेकर विवाद हुआ है. अब संशोधित आदेश जारी कर बाकी 11 अफसरों को तो नई जिम्मेदारी दे दी गई है, लेकिन विवेक भगत के चार्ज को फिलहाल होल्ड पर रख दिया गया है.

आखिर क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा मामला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान का है. आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात ACP विवेक भगत ने कवरेज कर रही एक महिला पत्रकार के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की थी. मामला तूल पकड़ने के बाद इसकी जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है.

क्या होता है 'करंट ड्यूटी चार्ज'?

दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि 'करंट ड्यूटी चार्ज' कोई नियमित प्रमोशन या पदोन्नति नहीं होती. यह एक अस्थायी व्यवस्था (Temporary Arrangement) है, जिसके तहत अफसर को सिर्फ ऊंचे पद का नाम इस्तेमाल करने और उस पद की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने की इजाजत मिलती है. इसमें अफसर का वेतन, ग्रेड पे या रेगुलर कैडर बेनिफिट्स वही रहते हैं जो उनके मूल पद के होते हैं. फिलहाल, जब तक क्राइम ब्रांच की जांच पूरी नहीं हो जाती, विवेक भगत ACP के पद पर ही अपनी सेवाएं देंगे.

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