Delhi Drug Queen Parvati Arrest: दिल्ली में पिछले तीन दशकों से ड्रग्स का काला साम्राज्य चलाने वाली कुख्यात लेडी ड्रग माफिया पार्वती को दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टीम ने दबोच लिया है. डॉन की तरह नेटवर्क चलाने वाली पार्वती राजस्थान से स्मैक मंगाकर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करती थी. पुलिस ने नरेला इलाके से पार्वती और उसके प्रमुख सहयोगी विकास कुमार उर्फ शानू को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.
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नरेला के फ्लैट में रेड, स्मैक और टाटा हैरियर जब्त
जॉइंट सीपी विजय सिंह के मुताबिक, 23 सितंबर की रात एंटी नारकोटिक्स स्टाफ (ऑपरेशंस यूनिट) के इंस्पेक्टर गौरव की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि नरेला के सनोठ इलाके में भारी मात्रा में स्मैक बेचने के लिए लाई गई है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने एक बिल्डिंग की पहली मंजिल पर स्थित फ्लैट में छापेमारी की.
मौके से पुलिस ने पार्वती और उसके साथी विकास कुमार उर्फ शानू को पकड़ लिया. तलाशी के दौरान फ्लैट और नीचे खड़ी लग्जरी टाटा हैरियर (Tata Harrier) एसयूवी से भारी मात्रा में प्योर स्मैक और उसमें मिलाया जाने वाला एडल्ट्रेंट (पावर कट) बरामद हुआ.
1990 से एक्टिव, 12 मुकदमे और 9 साल बाद पुलिस के हाथ आई
पुलिस पूछताछ और आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि पार्वती साल 1990 से ही मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल है. वह पहले पुरानी दिल्ली के कोतवाली इलाके में सक्रिय थी, फिर नॉर्थ, नॉर्थ-वेस्ट और पिछले कुछ वर्षों से आउटर-नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट में सिंडिकेट चला रही थी. पार्वती पर पहले से 12 मुकदमे दर्ज हैं.
साल 2017 में उस पर मासूम बच्चों के जरिए स्मैक बिकवाने का भी संगीन मामला दर्ज हुआ था. पिछले 9 सालों से उसके खिलाफ कोई नया केस नहीं बना था, क्योंकि वह बहुत ही शातिर तरीके से काम करती थी और खुद को सीधे लिंक नहीं होने देती थी.
क्या था काम करने का तरीका?
पुलिस के मुताबिक, पार्वती और उसका नेटवर्क राजस्थान की तरफ से 1.5 से 2 किलो की मात्रा में स्मैक मंगाता था. इस स्मैक को लग्जरी गाड़ियों में छिपाकर लाया जाता था. अपने घर जाने के बजाय वे किसी गुप्त ठिकाने पर बैठते थे, जहां प्योर स्मैक में एडल्ट्रेंट (पावर कट) मिलाकर उसकी क्वांटिटी बढ़ाई जाती थी.
सुबह होने से पहले ही इस पूरी खेप को स्ट्रीट पैडलर्स के जरिए दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया जाता था. यही वजह थी कि पुलिस को कई सालों से भनक होने के बावजूद कोई बड़ी रिकवरी नहीं हो पा रही थी. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अगर रेड में आधे घंटे की भी देरी होती तो पूरी स्मैक सप्लाई हो चुकी होती.
काली कमाई की वित्तीय जांच शुरू
पार्वती के तीन बेटे हैं. दिल्ली पुलिस अब पार्वती और उसके बेटों के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रग्स के इस काले कारोबार से उसने कितनी बेनामी संपत्ति बनाई है. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ा मामला दर्ज कर लिया है.
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