Kanwar Yatra 2026: सावन के महीने में हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे शिवभक्तों के अलग-अलग रूप और श्रद्धा देखने को मिल रही है. इन्हीं में से एक ऐसी कांवड़ इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जिसे देखकर राहगीर ठिठक कर देखने को मजबूर हो रहे हैं. दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात अमित उर्फ 'मिट्ठू मदेरिया' हरिद्वार से मुंडेड़ा (दिल्ली) के लिए एक बेहद खास और अनूठी कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं.
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अमित जिस ट्रॉली को अपने कंधों से खींचते हुए करीब 250 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर रहे हैं, वह कोई साधारण कांवड़ नहीं बल्कि एक चलती-फिरती मिनी जिम है. इसमें भगवान शिव की प्रतिमा के साथ-साथ डंबल, वेट प्लेट्स और कसरत के कई उपकरण लगे हुए हैं. अमित बिना किसी गाड़ी, ट्रक या ट्रैक्टर का सहारा लिए अकेले इस भारी-भरकम जिम ट्रॉली को खींच रहे हैं.
सेल्फी चाहिए तो लगाने होंगे पुश-अप्स
रास्ते में जहां भी यह कांवड़ रुकती है, वहां का नजारा किसी ओपन-एयर जिम में बदल जाता है. अमित के साथ जल उठाने वाले तीन अन्य साथी भी इस यात्रा में शामिल हैं. राह में जब भी कोई व्यक्ति अमित के साथ फोटो या सेल्फी लेने की इच्छा जताता है, तो वे सीधे तौर पर फिटनेस चैलेंज रख देते हैं. जो शख्स उनके द्वारा दिए गए पुश-अप्स या दंड-बैठक के टारगेट को पूरा करता है, अमित न सिर्फ उसके साथ सेल्फी खिंचवाते हैं बल्कि उसे सम्मानित और प्रोत्साहित भी करते हैं.
युवाओं को नशे से दूर रखने का संकल्प
अमित का कहना है कि उन्होंने 22 तारीख को गंगाजल उठाया था, लेकिन उनकी यह यात्रा सिर्फ जल चढ़ाने तक सीमित नहीं है. वे इसके साथ नशे के खिलाफ एक बड़ा जनजागरण अभियान चला रहे हैं. अमित का संदेश है कि यदि युवाओं को नशा करना ही है, तो वे पसीने और मेहनत का नशा करें. जब इंसान मेहनत का नशा करने लगता है, तो बाकी तमाम तरह के बुरे नशे अपने आप छूट जाते हैं. उनका मानना है कि जिम में बहाया गया पसीना अस्पताल के इलाज से कहीं ज्यादा सस्ता और सेहतमंद होता है.
बड़ौत समेत मार्ग के कई इलाकों में वे स्थानीय युवाओं के लिए बॉडीवेट और हेल्थ से जुड़े फिटनेस कॉम्पिटिशन भी आयोजित करा रहे हैं, ताकि आज की पीढ़ी अपनी सेहत के प्रति जागरूक हो सके और नशे जैसी कुरीतियों से खुद को दूर रख सके.
कौन हैं अमित उर्फ मिट्ठू मदेरिया?
अमित उर्फ मिट्ठू मदेरिया दिल्ली पुलिस में बतौर हेड कांस्टेबल तैनात हैं. कांवड़ यात्रा के दौरान अपनी अनोखी सोच और बॉडीबिल्डर अवतार के कारण लोग उन्हें प्यार से 'पुलिस वाला कांवड़िया' और 'जिम वाली कांवड़ वाला बाबा' कहकर भी बुला रहे हैं. अमित इस धार्मिक यात्रा के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने, मेहनत करने और अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
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