राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को सुरक्षित रखने और आपराधिक घटनाओं से बचाने के लिए दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर और संगठित गिरोहों के खिलाफ 'ऑपरेशन गैंग बस्ट' चलाया था. लेकिन इसी बीच अपराधियों ने फिर से एक बड़ा कांड कर दिया है जिसे दिल्ली पुलिस को खुली चुनौती माना जा रहा है. ऑपरेशन के दौरान ही गोली चलने की घटनाएं सामने आईं. इसे देखकर कहा जा रहा है कि अपराधी पुलिस की कार्रवाई से बेखौफ होकर अपने वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और इससे कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है.
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बिजनेसमैन के घर के बाहर फायरिंग
दरअसल ताजा मामला ईस्ट दिल्ली के विनोद नगर से सामने आया है. यहां करीब रात 12:30 बजे एक बिजनेसमैन के घर बाहर अपराधियों ने हवाई फायरिंग कर पुलिस को चुनौती दे दी है. अचानक हुई हवाई फायरिंग के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और इलाके के लोग दहशत में आ गए. घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद वह मौके पर पहुंची.
लॉरेंस गैंग पर लगा आरोप
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस फायरिंग के पीछे कोई और नहीं बल्कि लॉरेंस गैंग ही है. बताया जा रहा कि जिस बिजनेसमैन के घर के बाहर हवाई फायरिंग हुई है उससे गैंग ने करोड़ों रुपए की फिरौती मांगी थी. लेकिन जब उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया तो डराने के मकसद से फायरिंग करवाई गई है. फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है.
खुलेआम फायरिंग के दहशत में लोग
वहीं पुलिस विभाग में मौजूद सूत्रों के मुताबिक यह फायरिंग पूरी तरह से एक्सटॉर्शन के लिए की गई है. गैंग ने दहशत फैलाने और बिजनेसमैन के परिवार को डराने के लिए यह फायरिंग की थी. हवाई फायरिंग के जरिए मैसेज दिया गया कि अगर पैसे नहीं मिले तो कोई भी बड़ी घटना हो सकती है. यानी की गैंगस्टर अब खुलेआम धमकी दे रहे है.
पुलिस ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी तुरंत एक्शन लिया है और बिजनेसमैन के साथ-साथ उसके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. घर के बाहर दो AK-47 से लैस पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और पुलिस लगातार पेट्रोलिंग भी कर रही है.
दो जगह पर फायरिंग
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आज दिल्ली के दो अलग-अलग जगहों पर लॉरेंस गैंग की ओर से फायरिंग की गई है, जिसके बाद पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है. पुलिस ने ताबड़तोड़ एक्शन प्लान बनाकर इनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए अपनी जांच तेज कर दी है. आपको बता दें कि ऑपरेशन गैंग बस्ट को लगातार 48 घंटे तक चलाया गया, जिसमें अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की गई और 800 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार किया है.
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