दक्षिण दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका रविवार की दोपहर अचानक गोलियों के धमाके जैसी आवाज और धूल के गुबार से थर्रा उठा. पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में इस्तेमाल हो रही एक बहुमंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई. हादसे का एक 20 सेकंड का खौफनाक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसने देखने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं.
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फुटेज में दिख रहा है कि बिल्डिंग के ठीक नीचे एक बुजुर्ग अपनी छोटी सी दुकान लगाकर शांति से बैठे थे. तभी अचानक ऊपर से छोटा मलबा गिरना शुरू हुआ. खतरे की आहट मिलते ही बुजुर्ग जान बचाने के लिए तेजी से दूर भागे और इसके महज कुछ ही सेकेंड के भीतर पूरी की पूरी इमारत जमींदोज हो गई.
6 की मौत, कई अब भी अस्पताल में भर्ती
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है. हालांकि, राहत टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. NDRF, कैट्स एम्बुलेंस और प्रशासनिक टीमें मलबे में दबे अन्य लोगों (जिन्हें मुख्य रूप से छात्र बताया जा रहा है) को निकालने में जुटी हैं.
AIIMS JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, सत्य निकेतन हादसे के बाद कुल 10 मरीजों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से 5 घायलों को लाते ही मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 1 गंभीर रूप से घायल मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे कुल मौतों की संख्या 6 हो गई है. फिलहाल 3 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनमें से एक की हाथ-पैर की सर्जरी की गई है, वहीं 1 मरीज को मामूली चोटें आने के कारण प्राथमिक उपचार और ऑब्जर्वेशन के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है.
रेनोवेशन की लापरवाही पड़ी भारी, मकान मालिक पर FIR दर्ज
अतिरिक्त डीसीपी अभिमन्यु पोसवाल ने बताया कि पुलिस को 6 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने की पीसीआर कॉल मिली थी. शुरुआती जांच में पता चला है कि ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे रेनोवेशन काम के दौरान पिलर और दीवारों से बिना सुरक्षा मानकों के छेड़छाड़ की जा रही थी. इसी लापरवाही के कारण पूरी इमारत का ढांचा कमजोर हो गया.
वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के साउथ कैंपस थाने में मकान मालिक हरिओम और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), धारा 290 (इमारतों के निर्माण, मरम्मत या रख-रखाव में लापरवाही) और धारा 125(a) (दूसरों की जान व सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत केस दर्ज कर लिया है, साथ ही हादसे के बाद से फरार चल रहे मकान मालिक और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं.
घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे प्रशासनिक आलाधिकारी
हादसे की जानकारी मिलते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मंत्री कपिल मिश्रा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया. इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं, जहां उन्होंने घायल छात्रों से मुलाकात कर डॉक्टरों को उनके बेहतर और मुफ्त इलाज के निर्देश दिए.
MCD का कड़ा रुख: पड़ोस की इमारत को गिराने का नोटिस
इस भयानक हादसे से सबक लेते हुए नगर निगम (MCD) भी सख्त एक्शन में आ गया है. MCD ने सुरक्षा के लिहाज से ढही हुई इमारत के ठीक बगल में स्थित मकान नंबर 13 को खाली करने का नोटिस थमा दिया है. DMC एक्ट 1957 की धारा 348 के तहत इस इमारत को भी खतरनाक घोषित किया गया है.
निगम ने मकान मालिक और निवासियों को 3 दिन के भीतर खुद इस ढांचे को गिराने का आदेश दिया है. समय सीमा के भीतर ऐसा न करने पर MCD खुद इमारत को ध्वस्त करेगी और इसका पूरा खर्च मकान मालिक से वसूला जाएगा.
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