दिल्ली बिल्डिंग हादसे में हुआ बड़ा खुलासा, FIR में पता चली इमारत गिरने की असल वजह!

अरविंद ओझा

• 02:19 PM • 08 Sep 2026

Delhi Building Collapse FIR: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले की FIR में बड़ा खुलासा हुआ है. FIR के मुताबिक, ज्यादा किराए की लालच में पुरानी इमारत के ऊपर कथित तौर पर चार मंजिलें और बनवाई गई थीं, जबकि मालिक को पहले से पता था कि बिल्डिंग ज्यादा वजन नहीं सह सकती. हादसे में 7 लोगों की मौत और 5 लोग घायल हुए हैं. जानिए मामले की पूरी कहानी.

Delhi Building Collapse FIR
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दक्षिणी दिल्ली इलाके के सत्य निकेतन में रविवार को दोपहर एक जर्जर इमारत भरभराकर गिर गई थी, जिसमें कि 7 लोगों की मौत और कई घायल हो गए. इस मामले में पुलिस ने मालिक हरिराम गुप्ता के साथ-साथ उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है. इसी बीच बिल्डिंग हादसे को लेकर दर्ज किए गए FIR में बड़ा खुलासा है. FIR के मुताबिक, ज्यादा किराए की लालच में हरिराम गुप्ता और उसके भाई ने मिलकर कई साल पुरानी इमारत के ऊपर कथित तौर पर चार मंजिलें और बनवा दी. इसके अलावा पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग मालिक को पहले से पता था कि बिल्डिंग और वजन नहीं सह सकती, इसके बावजूद उन्होंने यह निर्माण कराया. आइए विस्तार से जानते हैं FIR में हुए खुलासे और मामले का पूरा अपडेट.

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FIR में क्या-कुछ हुए खुलासे!

FIR के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि इस इमारत में HostelDaze नाम से पीजी चलाया जा रहा था. बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर के अलावा 4 मंजिलें और थी, जहां बड़ी संख्या में स्टूडेंट और दूसरे लोग रहते थे. लेकिन अचानक गिरने के कारण कई लोग मलबे में दब गए.

साथ ही FIR में साफतौर पर लिखा है कि, बिल्डिंग मालिक को अच्छी तरह से इमारत की स्थिति का पता था कि वह ज्यादा भार नहीं सह सकती है और ज्यादा लोड देने बिल्डिंग गिर भी सकती है. इसके बावजूद पैसों की लालच से उसने ऊपरी मंजिलों का निर्माण कराया. पुलिस के मुताबिक, इसी वजह से यहां जान-माल का नुकसान हुआ है.

पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में दर्ज किया केस

बिल्डिंग हादसे में यह FIR रविवार रात को दक्षिण कैंपस थाने में दर्ज की गई थी, जिसका FIR नंबर 153/2026 है. यह FIR ASI प्रफुल टोप्पो की शिकायत दर्ज की गई है. FIR में PCR कॉल, मौके की परिस्थितियों और मृतकों-घायलों की MLC के आधार पर प्रथम  दृष्टया संज्ञेय अपराध सामने आने की बात कही गई है.

वहीं पुलिस ने BNS की धारा 105, 290 और 125(a) के तहत मामला दर्ज किया है. इन धाराओं में गैर इरादतन हत्या, भवन को गिराने/मरम्मत/निर्माण के संबंध में लापरवाही और ऐसा कृत्य जिससे किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो, जैसे आरोप शामिल हैं.

हादसे में अब तक 7 की मौत, 5 घायल

रविवार को हुए हादसे के बाद रेस्क्यू टीम अपने काम में जुट गई थी. रविवार से लेकर सोमवार शाम तक कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया है, जिनमें की 7 लोगों की मौत हो गई है. मृतकों में 5 छात्र अभिषेक(20), युवराज सोनी(20), पवन(17), अर्पित(19) और अक्षत सिंह यादव(18) शामिल है. इसके अलावा एक 75 साल के मजदूर सुरिंदर सिंह की मौत भी हो गई है, जबकि एक मृतक की पहचान अभी बाकी है,

वहीं 5 घायलों में असगर अली(30), नीरज बावन(19), आदित्य कुमार(19), नितिन(19) और मोहम्मद अयान(18) का इलाज AIIMS ट्रॉमा सेंटर और सफदरगंज अस्पताल में जारी है. इनमें तीन लोगों की हालत काफी गंभीर बताई गई है.

3 लोगों की हुई गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 81 साल के बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है. तीनों को दिल्ला लाया गया, जिसके बाद उनसे पूछताछ की गई है. बताया जा रहा है कि हरिराम भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड सार्जेंट है. हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि, FIR में आरोपी या संदिग्धों वाले कॉलम में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं है. पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक के तौर पर हरिराम और उनके भाई का जिक्र है, जबकि भाई का नाम FIR में नहीं बताया गया है.

नरेंद्र कुमार कर रहे मामले की जांच

इस मामले की जांच दक्षिण कैंपस थाने के इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार के हाथों में हैं. वह इस केस के IO यानी इन्वेस्टिंगेटिंग ऑफिसर है. हालांकि मामले की जांच के बीच सवाल उठ रहे है कि जब बिल्डिंग ज्यादा लोड नहीं सह सकता था, तो आखिर 4 मंजिलें कैसे बनाई गई और किसने अनुमति दी?

 

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