देश की राजधानी दिल्ली में हुए तरुण हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया है. एक मामूली से विवाद ने देखते ही देखते एक भयानक खूनी खेल का रूप ले लिया, जिसमें एक मां ने अपना जवान बेटा खो दिया. दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में हुई इस वारदात के बाद से तरुण के घर में मातम पसरा है. तरुण की मां का रो-रोकर बुरा हाल है और वह न्याय के लिए गुहार लगा रही हैं. इसी बीच हमारी टीम तरुण की मां से मिली जिन्होंने पूरी घटना के बारे में बताया. आइए जानते है पूरी कहानी.
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एक गुब्बारे से शुरू हुआ खूनी खेल
तरुण की मां ने उस काली रात की आपबीती सुनाते हुए बताया कि विवाद की शुरुआत महज एक गुब्बारे (बलून) की वजह से हुई थी. घर की एक छोटी बच्ची खेल रही थी और इसी दौरान गुब्बारा गिरकर दूसरी तरफ जा रही काली नाम की महिला के पास फटा. आरोप है कि उस महिला ने बच्ची को भद्दे शब्द कहे, जिसका तरुण के परिजनों ने विरोध किया. मां का कहना है कि इसी बात पर उस महिला ने धमकी दी और फोन करके दर्जनों लोगों को बुला लिया. कुछ ही देर में 40-50 लोगों की भीड़ ने लाठी, डंडे, हॉकी और लोहे की रॉड के साथ तरुण के घर पर हमला बोल दिया.
'धोखे से घेरा और पत्थरों से कुचला'
वारदात के वक्त तरुण घर लौट रहा था. जैसे ही उसने अपनी बुलेट बाइक रोकी, भीड़ ने उसे घेर लिया. मां के मुताबिक, तरुण शरीर से काफी मजबूत था और वह अकेला कई लोगों पर भारी पड़ता, इसलिए आरोपियों ने उसे धोखे से घेरा. हमलावरों ने उसे बुरी तरह पीटा और पास में रखी पत्थर की सिल्ली उठाकर उसकी छाती पर मार दी. घर के अन्य सदस्यों, जिनमें तरुण के पिता, भाई और चाचा शामिल थे, उन्हें भी बुरी तरह मारा गया और उनके सिर फाड़ दिए गए. तरुण सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था और घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के सपने देख रहा था, जो अब चकनाचूर हो गए हैं.
पुलिस प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल
पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. तरुण की मां और अन्य रिश्तेदारों का आरोप है कि वारदात के समय सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब 2 घंटे की देरी से पहुंची. परिवार का कहना है कि अगर पुलिस समय पर आ जाती तो शायद उनके घर का चिराग बुझने से बच जाता. फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, लेकिन परिवार का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है.
योगी मॉडल जैसे एक्शन की मांग
एमसीडी द्वारा आरोपियों के घर के अवैध हिस्से पर चलाए गए बुलडोजर से परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. तरुण की मां की मांग है कि सिर्फ 4 फुट का अतिक्रमण तोड़ने से न्याय नहीं मिलेगा. वह उत्तर प्रदेश की तर्ज पर 'योगी मॉडल' जैसा एक्शन चाहती हैं, जिसमें सभी आरोपियों के घर पूरी तरह जमींदोज किए जाएं और अपराधियों का एनकाउंटर हो. समाज के अन्य लोग भी इस मांग का समर्थन कर रहे हैं और परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और बड़े भाई के लिए सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं.
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
हैरानी की बात यह है कि घर में खुशियों का माहौल आने ही वाला था. होली के ठीक अगले दिन तरुण के बड़े भाई के लिए रिश्ता देखने लोग आने वाले थे. तरुण अपने भाई की शादी को लेकर काफी उत्साहित था और उसने कहा था कि पहले बड़े भाई की शादी करेंगे, फिर वह अपनी शादी के बारे में सोचेगा. लेकिन आरोपियों की क्रूरता ने उन सभी अरमानों को खत्म कर दिया. फिलहाल पुलिस ने कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी की है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है.
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