देश की राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके वसंत कुंज (Vasant Kunj) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहाँ के सेक्टर-B1 के निवासियों ने एक निजी बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिल्डर ने उनकी पूरी कॉलोनी को एक तरह से 'बंधक' (Hostage) बना लिया. रविवार सुबह से ही कॉलोनी के सभी 6 एंट्री और एग्जिट गेटों के बाहर भारी-भरकम डंपर खड़े कर दिए गए, जिससे करीब 5000 लोगों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया.
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रविवार को 'सन्नाटा' नहीं, मची रही 'चीख-पुकार'
वसंत कुंज की इस डीडीए (DDA) कॉलोनी में रहने वाले ज्यादातर लोग सीनियर सिटीजन और महिलाएं हैं. उनका आरोप है कि रविवार को छुट्टी के दिन भी बिल्डर ने सुबह 8 बजे से ही शोर-शराबे वाला निर्माण कार्य शुरू कर दिया. जब निवासियों ने शांतिपूर्ण तरीके से इसका विरोध किया और संडे को काम बंद करने की अपील की, तो बिल्डर के कर्मचारियों ने दादागिरी दिखाते हुए कॉलोनी के सभी गेट ब्लॉक कर दिए.
निवासियों की मुख्य शिकायतें:
- मेडिकल इमरजेंसी में दिक्कत: गेट ब्लॉक होने की वजह से बीमार बुजुर्गों और बच्चों को बाहर ले जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी. कई लोग अपने घर के अंदर ही कैद होकर रह गए.
- बदतमीजी के आरोप: महिलाओं का आरोप है कि बिल्डर के गार्ड्स और कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया.
- नियमों की अनदेखी: आरडब्ल्यूए (RWA) के मुताबिक, रेजिडेंशियल इलाके में शोर का स्तर 50 डेसीबल से कम होना चाहिए, लेकिन यहाँ ड्रिलिंग और पत्थर कटाई का शोर 100 डेसीबल तक पहुँच रहा है. बिल्डर ने शाम 6 बजे के बाद और संडे को काम न करने के समझौते का भी उल्लंघन किया.
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
कॉलोनी के लोगों में दिल्ली पुलिस के प्रति भी काफी गुस्सा देखा गया. निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस को कॉल किया, लेकिन मौके पर आए कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर सिर्फ मूकदर्शक बने रहे. लोगों का आरोप है कि पुलिस ने डंपर हटवाने या गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया.
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद वसंत कुंज की डीडीए कॉलोनी के भीतर स्थित एक निजी जमीन के टुकड़े को लेकर है. यहाँ एक प्राइवेट बिल्डर हाई-राइज बिल्डिंग बना रहा है. स्थानीय लोग शुरुआत से ही इस निर्माण का विरोध कर रहे हैं क्योंकि यह इलाका अरावली हिल्स और एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक रूट के करीब आता है. मामला कोर्ट में भी गया था, लेकिन फिलहाल निर्माण कार्य जारी है.
देर शाम मीडिया के हस्तक्षेप और भारी विरोध के बाद गेटों से डंपर हटाए गए, लेकिन निवासियों का कहना है कि उनकी 'जंग' अभी खत्म नहीं हुई है. वे प्रशासन से इस 'बदमाश बिल्डर' के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
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