Delhi Crime news: सरिता विहार से लापता युवराज की गुरुग्राम में मिली लाश, उत्तराखंड के कैंची धाम से पकड़े गए आरोपी तो पता चली पूरी कहानी

हिमांशु मिश्रा

• 08:44 PM • 18 Sep 2026

दिल्ली पुलिस ने युवराज सिंह मनचंदा हत्याकांड में पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है. आरोपियों को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है. जानें पूरा मामला.

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युवराज सिंह की हत्या मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे !
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गुरुग्राम पुलिस ने 10 सितंबर को बादशाहपुर के एक नाले से शव बरामद किया गया. पुलिस ने दिल्ली के सरिता विहार से गायब हुए 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा के परिजनों को शव की तस्वीर भेजी. परिजनों ने कपड़ों और शरीर की पहचान के आधार पर शव की पहचान की. पुलिस ने आरोपियों को उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. 

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इस पूरे घटनाक्रम की शुरूआत 6 सितंबर 2026 को हुई. दिल्ली के सरिता विहार के एच ब्लॉक में रहने रहने वाले युवराज सिंह मनचंदा अपनी बहन के साथ लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट के लिए निकले. इनके घर में माता-पिता के अलावा दो बहने हैं. इनकी शादी एक महीने बाद होने वाली थी. वे शादी की खरीददारी के लिए निकले थे. फिर दोनों लाजपत नगर-II स्थित गोल्डन ड्रैगन रेस्टोरेंट पहुंचे. शाम करीब 4 बजे युवराज ने अपनी बहन को बताया कि उसकी गुरुग्राम में एक मीटिंग है और वह रात 10 बजे तक घर लौट आएगा. युवराज की बहन के मुताबिक उसने अपनी मैनेजर को ये बताया था कि वह आन्या नाम की लड़की से मिलकर कोई बिजनेस डील करने गुरुग्राम गया है. ध्यान देने वाली बात है कि युवराज अडानी की एक कंपनी से जुड़े थे. 

जब रात 10 बजे तक नहीं लौटा युवराज 

इधर रात को 10 बज गए पर युवराज का कोई पता नहीं चला. उसका फोन भी बंद आने लगा. परिजनों को चिंता हुई. सुबह से उन्होंने युवराज को पहले ढूंढना शुरू किया. शाम करीब 4:15 बजे युवराज की बहन ने लाजपत नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने FIR नंबर 329/2026 के तहत BNS की धारा 140(3) में केस दर्ज कर जांच शुरू की. 

ऐसे पकड़े गए आरोपी 

जांच के दौरान पुलिस ने Call Detail Record (CDR) और IPDR का एनॉलिसिस किया, जिससे पता चला कि युवराज की आखिरी बातचीत अन्या वत्स से हुई थी. इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए. पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले और युवराज व अन्या के दफ्तरों से जानकारी जुटाई. इसी बीच पुलिस को पता चला कि अन्या एक नए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रही है. नए नंबर की CDR और लोकेशन ट्रेस करने पर उसकी मौजूदगी उत्तराखंड में पाई गई. दिल्ली पुलिस की टीम ने उत्तराखंड में छापेमारी कर अन्या वत्स और उसके सहयोगी संयम सचदेवा को धर दबोचा.

कौन है आन्या वत्स और युवराज से क्या है कनेक्शन ?  

युवराज की बहन अंशुल सिंह ने असज तक को बताया कि आन्या वत्स और युवराज पूर्व में एक रियल स्टेट कंपनी में काम कर चुके हैं. कुछ वित्तीय अनियमितताओं के चलते आन्या को अन्या को सितंबर 2022 को कंपनी ने निकाल दिया गया था. जबकि युवराज ने 6 महीने पहले ही कंपनी छोड़ दी थी और उन्हें सम्मानजनक विदाई मिली थी. वो यहां से नई कंपनी में और अच्छे पद पर गए थे.

किस बात को लेकर दोनों में था विवाद ?  

अंशुल सिंह के मुताबिक जब वे साथ काम कर रहे थे, तब अन्या ने युवराज से कुछ पैसे उधार लिए थे. वह पैसे वापस नहीं कर रही थी. युवराज ने इस बारे में अपने दोस्त और परिवार को भी बताया था. इसके बाद युवराज ने उससे पोस्ट-डेटेड चेक देने को कहा, जो उसने दिया और वह क्लियर भी हो गया. हत्या का मकसद अभी साफ नहीं हो पाया है. 

आन्या और संयम सचदेवा के बीच क्या है कनेक्शन ?  

आन्या और संयम किसी कंपनी में HR में हैं और दोनों एक दूसरे के साथ लिव-इन में हैं. संयम शादीशुदा है और उसकी पत्नी से अभी तलाक नहीं हुआ है. आन्या और संयम का 5 महीने का एक बच्चा भी है. युवराज की शादी होने वाली थी. वो अपनी बहन के साथ कपड़ों की खरीदारी करने निकला था. बताया जा रहा है कि उसी वक्त आन्या का फोन आया और उसने मिलने के लिए बुलाया.  

घटना वाले दिन क्या हुआ था ? 

मृतक युवराज के जानकार रजत जैन ने बताया कि 6 तरीख को पहली बार ऐसा हुआ कि वो घर नहीं आया. वो 6 को शेरवानी की शॉपिंग करके निकला. उसने मंगेतर को भी बताया कि वो आन्या नाम की लड़की के साथ बिजनेस डील करने जा रहा है. 

पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि आन्या वत्स ने युवराज को कॉल कर गुरुग्राम बुलाया. युवराज अपनी क्रेटा कार से गुरुग्राम पहुंचा. आन्या अपने दोस्त संयम के साथ युवराज से मिली. दोनों में पैसों को लेकर कुछ विवाद हुआ और उसने पिस्तौल निकालकर युवराज पर गोली चला दी. युवराज की मौत के बाद वे दोनों शव लेकर दो दिनों तक ग्रुरुग्राम की सड़कों पर घूमते रहे. फिर शव को  बादशाहपुर के एक नाले में फेंककर कैंची धाम चले गए और वहां किराए पर कमरा लेकर ठहर गए. दिल्ली पुलिस ने मामले में एक हथियार बरामद कर लिया है. पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.

इनपुट: अंशुल सिंह/आशुतोष कुमार

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