धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले सरकार बदलने वाली थी मंत्रालय? जानें CJP ने कैसे पलट दिया फैसला, अब सामने आई पूरी कहानी

हिमांशु मिश्रा

28 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 28 2026 9:30 AM)

Education Minister Dharmendra Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के दो दिन बाद बड़ा खुलासा सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने बातचीत के दौरान मंत्रालय बदलने का विकल्प रखा था, लेकिन CJP ने इसे ठुकरा दिया. आखिर संगठन ने इस्तीफे से कम पर समझौता क्यों नहीं किया? जानिए अंदर की पूरी कहानी और वार्ता की अहम बातें.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के दो दिन बाद बड़ा खुलासा
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के दो दिन बाद बड़ा खुलासा
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Dharmendra Pradhan Resignation:केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है.  सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने CJP के सामने पहले उनके मंत्रालय में बदलाव का प्रस्ताव रखा था. लेकिन CJP ने इसे स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार और CJP के बीच हुई बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलने की बात कही थी. लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी.

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CJP अपनी मांग से पीछे नहीं हटी

बताया जा रहा है कि CJP ने मंत्रालय बदलने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया. CJP ने साफ कहा कि वे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम किसी भी विकल्प पर सहमत नहीं होंगे. इसी वजह से बातचीत में रखा गया यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका. सूत्रों के मुताबिक, सरकार की ओर से वार्ताकारों ने कहा कि किसी मंत्री को पद से हटाना या उनका विभाग बदलना पूरी तरह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार होता है. इसके बावजूद CJP ने अपनी मांग पर कायम रहने का फैसला किया. इसके बाद फिर धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

जंतर-मंतर के प्रदर्शन के बीच हुए कई फैसले

आपके बता दें  कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और देशभर के युवाओं के समर्थन का असर कुछ ऐसा रहा कि सरकार ने पेपर लीक को लेकर कठाेर कदम उठा रही है. इन फैसलों में NTA में सुधार, 47 अधिकारियों की सेवा समाप्त करना, एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक लाने और कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ना, साथ ही पेपर लीक से जुड़े मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, ये सभी फैसले जंतर मंतर पर चले CJP के प्रदर्शन के दौरान लिए गए. 

इस्तीफे के बाद संसद में पहली प्रतिक्रिया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा के बाद सोमवार को धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे. इसी दौरान कांग्रेस नेता जयराम रमेश की बात पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "इट हैपन्स." इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने जवाब दिया, "नथिंग हैपन्ड." 'आई एम ए स्ट्रीट फाइटर' इसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने जयराम रमेश से कहा, "आई एम ए स्ट्रीट फाइटर. नॉट एन एसी रूम ऐक्टिविस्ट." इस दौरान संसद पहुंचने पर एनडीए सांसदों ने उनका स्वागत किया. उनके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी. वहीं, एक सांसद ने कहा कि पहली बार किसी मंत्री ने बिना किसी आरोप के ही इस्तीफा दिया है.

पार्टी में निभाई कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

धर्मेंद्र प्रधान को ओडिशा बीजेपी का प्रभावशाली नेता माना जाता है. इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. हाल में वह बिहार विधानसभा चुनाव के प्रभारी रहे. इसके बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी की जीत के सूत्रधार भी बताए गए. 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी धर्मेंद्र प्रधान ने प्रभारी के रूप में भूमिका निभाई. इससे पहले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत कई राज्यों में भी वह पार्टी की चुनावी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं.

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