दिल्ली: DTC बसों की हड़ताल, सड़कों पर अचानक खड़ी हुईं बसें... आखिर क्यों फूटा ड्राइवरों का गुस्सा, जानें वजह?

अमरजीत सिंह

• 02:20 PM • 17 Sep 2026

DTC Devi bus service strike: दिल्ली में डीटीसी की देवी बस सर्विस के ड्राइवरों ने वेतन वृद्धि और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर हड़ताल कर दी है. चालकों ने सड़कों के किनारे गाड़ियां खड़ी कर प्रदर्शन किया. कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें दिहाड़ी मजदूर से भी कम मजदूरी मिल रही है.

दिल्ली में डीटीसी बस चालकों का फूटा गुस्सा, हड़ताल पर गए.
दिल्ली में डीटीसी बस चालकों का फूटा गुस्सा, हड़ताल पर गए.
Google CTA

DTC bus strike Delhi: राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को झटका देने वाली खबर सामने आई है. हाल ही में शुरू की गई डीटीसी की 'देवी बस सर्विस' के संविदा (ठेका) ड्राइवरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर दी है. ड्राइवरों ने सड़कों पर बसें खड़ी कर सरकार और ठेकेदारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

Read more!

सड़कों के किनारे दूर-दूर तक लाइन से खड़ी बसें और नारेबाजी करते कर्मचारी दिल्ली की सड़कों पर बड़ा संकट खड़ा कर रहे हैं. कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, गाड़ियों का पहिया आगे नहीं बढ़ेगा.

कर्मचारियों ने बयां किया अपना दर्द

प्रदर्शन कर रहे डीटीसी ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें प्रतिदिन महज ₹862 की दिहाड़ी दी जा रही है, जो एक सामान्य दिहाड़ी मजदूर से भी कम है. चालकों के मुताबिक महंगाई के इस दौर में रूम का रेंट देना, बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाना इतने कम पैसों में नामुमकिन साबित हो रहा है. पिछले दो सालों से उनकी सैलरी में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है.

कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उनकी दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर कम से कम ₹1,500 प्रतिदिन किया जाए. इसके साथ ही कंडक्टरों की तर्ज पर चालकों को भी ₹6,000 ड्रेस भत्ता, मेडिकल सुविधाएं और एक्सीडेंट इंश्योरेंस मुहैया कराया जाए.

गाड़ी टच होने पर लगता है जुर्माना

प्रदर्शनकारी चालकों ने यह भी आरोप लगाया कि अगर गलती से या ट्रैफिक के दौरान बस कहीं थोड़ी बहुत टच हो जाती है या साइड ग्लास टूट जाता है, तो उनके वेतन से ₹500 तक काट लिए जाते हैं. इसके अलावा बिना किसी वजह के घर बैठा देने और लेट-लतीफ सैलरी देने जैसी समस्याएं भी कर्मचारियों को परेशान कर रही हैं. कर्मचारियों ने कहा कि वे कई बार अपनी मांगों की फाइल ठेकेदारों और अधिकारियों को भेज चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है.

यह पढ़ें: Delhi House Construction Rules: दिल्ली में घर बनाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, वरना छोटी सी गलती पड़ सकती है भारी

मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

डीटीसी कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते कई सालों से अपनी निष्ठा के साथ सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. अगर सरकार और प्रबंधन ने जल्द ही उनकी जायज मांगों पर विचार नहीं किया, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल का रूप ले लेगा.

वहीं सड़कों पर बसें खड़ी हो जाने की वजह से आम जनता और यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है. चालकों का कहना है कि आम जनता को होने वाली इस असुविधा के लिए पूरी तरह से सरकार और प्रबंधन जिम्मेदार हैं.

यह भी पढ़ें: Delhi-Noida Connectivity: मयूर विहार में बनेगा नया अंडरपास, दिल्ली-नोएडा सफर होगा आसान, जानें एंट्री-एग्जिट प्लान