Reservation Hatao Aandolan: आरक्षण सिस्टम के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ बड़ा आंदोलन एक बार फिर देश भर में चर्चा का विषय बन गया है. देर शाम से लेकर देर रात तक जंतर-मंतर और राजघाट पर चले भारी हंगामे और दिल्ली पुलिस के एक्शन के बाद सवाल उठने लगे थे कि क्या यह आंदोलन खत्म हो गया है? इन तमाम अटकलों के बीच आंदोलन के अगवा हर्ष दुबे का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने आंदोलन के भविष्य और आगे की रणनीति को लेकर अहम जानकारियां साझा की हैं.
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जंतर-मंतर पर रात भर चला बवाल और पुलिस का एक्शन
21 अगस्त 2026 को आरक्षण के खिलाफ जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया गया था. हालांकि, दिल्ली पुलिस का दावा है कि इस प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की अनुमति नहीं दी गई थी और प्रदर्शनकारियों को रामलीला मैदान में जुटने के लिए कहा गया था.
जब प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर एकत्र होने लगे तो दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी (ITBP) और आरएएफ (RAF) के जवानों ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया. बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया गया, जिसके बाद देर रात प्रदर्शनकारी राजघाट की ओर कूच कर गए.
हर्ष दुबे का बड़ा बयान: "हम कमजोर नहीं पड़े हैं"
पुलिस की सख्ती और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद आंदोलन के मुख्य चेहरा बने हर्ष दुबे का वीडियो संदेश सामने आया. हर्ष दुबे ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा:
"आप लोग सोच रहे होंगे कि मैं चला गया और आप लोगों को प्लेटफॉर्म पर छोड़ दिया, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. हम पूरी रात सड़कों पर ही रहे हैं और अभी तक घर नहीं पहुंचे हैं. हमारी सरकार और पुलिस प्रशासन से लगातार बातचीत चल रही है, जो एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. जैसे ही कोई ठोस इनपुट आता है, हम आपको सूचित करेंगे." उन्होंने आगे अपील करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी कमजोर नहीं पड़े हैं और न ही किसी दबाव में हैं. उन्होंने दिल्ली में रुके हुए छात्रों को खाना-पीना और आश्रय मुहैया कराने तथा पुलिस के निर्देशों का शांतिपूर्ण ढंग से पालन करने का अनुरोध किया.
कौन हैं हर्ष दुबे और क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगे?
हर्ष दुबे सबसे पहले सीजेपी नीट पेपर लीक मामले के दौरान चर्चा में आए थे, जब उन्होंने नीट एस्पिरेंट के तौर पर नेशनल मीडिया पर आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर आरक्षण में सुधार की मुहिम शुरू हुई, जिसने 21 अगस्त को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का रूप ले लिया.
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
आर्थिक आधार पर आरक्षण: जातिगत आधार के बजाय लोगों की आर्थिक स्थिति को आरक्षण का पैमाना बनाया जाना चाहिए.
क्रीमी लेयर का सख्ती से पालन: मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में क्रीमी लेयर के नियमों को सख्ती से लागू किया जाए ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचे.
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 का विरोध: उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव से जुड़े नियमों की समीक्षा की मांग.
फिलहाल हर्ष दुबे का दावा है कि सरकार से सकारात्मक बातचीत जारी है और जल्द ही आगे के कदमों का ऐलान किया जाएगा.
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