राजधानी दिल्ली में विपक्षी इंडिया गठबंधन की एक बेहद अहम और बड़ी बैठक आयोजित की गई. लेकिन इस महाबैठक के शुरू होने से ठीक पहले दिल्ली के सियासी गलियारों में एक ऐसी हलचल देखने को मिली, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को सीधे जाकर आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की. इस महत्वपूर्ण और सीक्रेट मीटिंग में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे. इस मुलाकात के बाद से ही कयासों का दौर शुरू हो गया है कि क्या इस नए घटनाक्रम ने कांग्रेस की चिंताएं बढ़ा दी हैं.
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आम आदमी पार्टी की चुप्पी और TMC का बड़ा दावा
हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी और सियासी रूप से संवेदनशील मुलाकात को लेकर आम आदमी पार्टी की तरफ से कोई भी आधिकारिक जानकारी या बयान शेयर नहीं किया गया. यहां तक कि खुद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर इस मुलाकात के संबंध में कुछ नहीं लिखा. हालांकि, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने इस मुलाकात की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आधिकारिक पुष्टि की.
टीएमसी ने लिखा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की है. सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई इस बातचीत के दौरान दोनों दलों के नेताओं ने आगे की राह पर विस्तार से चर्चा की. इसके साथ ही टीएमसी ने सीधे साल 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर हुंकार भरते हुए लिखा कि जब भारत के लोग एकजुट होते हैं, तो दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें 2029 में न्याय, सम्मान और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने से नहीं रोक सकती.
संजय झा का सनसनीखेज दावा
इस बैठक और दोनों नेताओं की मुलाकात की टाइमिंग को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि हाल ही में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया था. संजय झा के मुताबिक, इंडिया गठबंधन में हुई टूट और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गठबंधन छोड़कर जाने के लिए कोई और नहीं, बल्कि ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ही जिम्मेदार थे.
उन्होंने दावा किया था कि इन दोनों ही नेताओं ने नीतीश कुमार को इंडिया गठबंधन का राष्ट्रीय संयोजक बनाने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद नाराज होकर नीतीश कुमार को मजबूरन यह गठबंधन छोड़ना पड़ा था. वहीं, सियासी गलियारों में चर्चा यह भी है कि बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद खुद ममता बनर्जी ने ही राहुल गांधी से इंडिया गठबंधन की यह समीक्षा बैठक बुलाने के लिए कहा था.
इंडिया गठबंधन से 'आप' की दूरी और कांग्रेस को संदेश
ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल की यह मुलाकात कई मायनों में कांग्रेस के लिए भी एक बड़ा संदेश मानी जा रही है. गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से ही आम आदमी पार्टी ने इंडिया गठबंधन से अपनी दूरियां बना ली थीं और वह इस गठबंधन से अलग हो गई थी. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने आज की बैठक को लेकर पहले ही स्थिति पूरी तरह साफ कर दी थी कि 'आप' अब इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है, इसलिए वे इस महाबैठक में भी शामिल नहीं होंगे. ऐसे में गठबंधन की बैठक से ठीक पहले गठबंधन से बाहर हो चुके अरविंद केजरीवाल से ममता बनर्जी का मिलना विपक्षी एकजुटता के समीकरणों पर सवाल खड़े करता है.
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