राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला पीजी (PG) इमारत ढहने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) एक्शन मोड में आ गया है. इस हादसे से सबक लेते हुए एमसीडी ने पूरी दिल्ली में अवैध निर्माण, नियम तोड़कर चल रहे पीजी और जर्जर इमारतों के खिलाफ बड़ा ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान शुरू किया है.
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सत्य निकेतन में हुए हादसे के तुरंत बाद एमसीडी ने प्रभावित इमारत से सटी जर्जर व असुरक्षित घोषित की गई दूसरी इमारतों को ढहाने का काम शुरू किया. इसके साथ ही मुखर्जी नगर, लक्ष्मी नगर, पांडव नगर, जनकपुरी और करोल बाग जैसे छात्रों के मुख्य रिहायशी इलाकों में बुलडोजर कार्रवाई की गई है.
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, निगम की टीमों ने दिल्ली के 12 जोनों में अब तक 1,100 से अधिक पीजी संपत्तियों का त्वरित सर्वे किया है. नियमों का उल्लंघन करने वाली दर्जनों संपत्तियों को ध्वस्त करने के आदेश दिए गए हैं, जबकि कई अवैध इमारतों को सील किया गया है. हादसे की जांच के दौरान पुलिस और प्रशासन ने पाया कि रेनोवेशन के दौरान सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई थी. मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इमारत के मालिकों और पीजी ऑपरेटरों समेत कई मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
अधिकारियों का रुख
MCD कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि दिल्ली के हर एक पीजी की मैपिंग कराई जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वहां रह रहे छात्रों की सुरक्षा के उचित इंतजाम हैं या नहीं. विशेष रूप से बिना इजाजत बनाई गई अवैध 5वीं मंजिलों पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.
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