निशु आजाद मामले में दिल्ली पुलिस का बड़ा आश्वासन, सीजेपी नेताओं ने कहा- 72 घंटे में होगी आरोपियों की गिरफ्तारी

न्यूज तक डेस्क

04 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 4 2026 5:05 PM)

Nishu Azad Case: जंतर-मंतर विवाद और निशु आजाद को मिली धमकियों के मामले में CJP नेताओं ने दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से मुलाकात की. CJP नेताओं के मुताबिक, एडिशनल डीसीपी ने 72 घंटे के भीतर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और एफआईआर में हत्या के प्रयास, धारा 308, 351 और SC/ST Act जैसी गंभीर धाराएं जोड़ने का आश्वासन दिया है.

Nishu Azad Case Update
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जंतर-मंतर पर हुए हालिया विवाद और निशु आजाद को मिली धमकियों के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से मुलाकात की है. सांसद चंद्रशेखर आजाद और CJP के अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने पुलिस के सामने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज और उसके साथियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग रखी. बातचीत के बाद दिल्ली पुलिस के एडिशनल डीसीपी ने आश्वासन दिया है कि मामले में दर्ज एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी और अगले 72 घंटों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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FIR में जुड़ेंगी हत्या के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराएं

मुलाकात के बाद सीजेपी नेता आशुतोष रंका और सौरभ दास ने बताया कि पुलिस प्रशासन के साथ हुई बातचीत में एडिशनल डीसीपी ने लिखित प्रतिबद्धता (कमिटमेंट) जताई है. उन्होंने जानकारी दी कि संजय जी पर हुए हमले के मामले में हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) के साथ-साथ धारा 308, 351 और एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट की धाराएं शामिल की जाएंगी. इसके अलावा, निशु आजाद को मिल रही धमकियों के मामले में अलग से एफआईआर दर्ज की जाएगी, जिसमें साइबर क्राइम और पॉक्सो (POCSO) से जुड़ी धाराएं भी जोड़ने का कमिटमेंट मिला है.

72 घंटे में गिरफ्तारी का मिला कमिटमेंट, गठित होगी विशेष टीम

सीजेपी नेताओं के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे के भीतर सभी नामजद गुंडों और आरोपियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है. इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम गठित की जा रही है. नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस तय समयसीमा के भीतर अपने इस आश्वासन को पूरा नहीं करती है, तो वे सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में दोबारा आंदोलन करने और पुलिस के पास आने से पीछे नहीं हटेंगे.

दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली और राजनीतिक संरक्षण पर उठाए सवाल

बातचीत के दौरान सीजेपी प्रतिनिधियों ने दिल्ली पुलिस के दोहरे रवैये पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पुलिस ने 2800 हार्डन क्रिमिनल्स (इनामी गुंडों) पर कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन जब खुलेआम धमकियां देने वाला व्यक्ति जंतर-मंतर आकर संगीन वारदात को अंजाम देता है, तो उसे बचाया जाता है. साथ ही, सोशल मीडिया पर आरोपियों द्वारा शेयर की जा रही रील्स और स्क्रीनशॉट्स का हवाला देते हुए नेताओं ने मांग की कि सरकार में बैठे मंत्रियों (जिनका नाम आरोपी ले रहे हैं) को भी इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि क्या वे ऐसे तत्वों को संरक्षण दे रहे हैं.

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