देश आज 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के रंग में रंगा हुआ है. इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने भाषण में पिछले 12 वर्षों में हुए बदलावों और उपलब्धियों का जिक्र किया. साथ ही अगले पांच साल के लिए सरकार की प्राथमिकताएं भी सामने रखीं.
ADVERTISEMENT
2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के संकल्प बड़े होने चाहिए. जब सपने बड़े होते हैं तो उन्हें पूरा करने के लिए प्रयास और सामर्थ्य भी बढ़ता है.
उन्होंने कहा कि भारत ने आजादी के 100 साल पूरे होने तक यानी 2047 तक विकसित भारत बनने का लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य को 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयास से हासिल करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश इतना बड़ा संकल्प लेता है तो इससे दुनिया में भारत के प्रति नजरिया भी बदलता है. उन्होंने पिछले 12 वर्षों में देश के अलग-अलग वर्गों के लोगों के योगदान को भी याद किया.
पीएम मोदी ने गिनाईं 12 साल की उपलब्धियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में तेज रफ्तार से प्रगति की है. रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है. खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना हुआ है. इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में करीब सात गुना बढ़ोतरी हुई है.
आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण करीब 21 गुना बढ़ा है. मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना तक बढ़ने का दावा पीएम मोदी ने किया.
उन्होंने कहा कि इंटरनेट यूजर्स की संख्या करीब चार गुना हुई है. पेटेंट ग्रांट भी करीब चार गुना बढ़े हैं. वहीं डिजिटल लेनदेन में करीब 100 गुना की वृद्धि हुई है.
आम लोगों की सुविधाओं पर भी जोर
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने आम नागरिकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी तेजी से काम किया है. उनके मुताबिक नल से जल कनेक्शन देने की रफ्तार पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ी है. गैस कनेक्शन देने का काम भी करीब छह गुना तेज हुआ है. गरीबों के लिए शौचालय बनाने की रफ्तार करीब चार गुना और घर देने की रफ्तार करीब तीन गुना बढ़ी है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने शासन व्यवस्था में भी कई बदलाव किए हैं. बड़ी संख्या में पुराने कानूनों को खत्म किया गया है. उनका कहना था कि पिछली सदी के कानूनों के सहारे 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा नहीं किया जा सकता.
सात क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री ने अगले पांच वर्षों के लिए विकास के सात प्रमुख क्षेत्रों का जिक्र किया. उन्होंने इन्हें 'शक्ति की सप्त धारा' बताया.
इनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं.
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर
पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने रखा. उन्होंने कहा कि भारत को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा.
उन्होंने हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी में नेतृत्व हासिल करने की जरूरत बताई. साइबर सुरक्षा को भी उन्होंने रक्षा का अहम हिस्सा बताया. पीएम मोदी ने कहा कि देश के युवाओं की क्षमता का इस्तेमाल भारत और दुनिया की जरूरतों के लिए किया जा सकता है.
परमाणु ऊर्जा और सेमीकंडक्टर पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने इस वर्ष फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है. इससे परमाणु ईंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है.
उन्होंने सेमीकंडक्टर को भी भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी बताया. पीएम मोदी के मुताबिक भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने का काम शुरू किया है. तीन प्लांट शुरू हो चुके हैं और आने वाले 7-8 वर्षों में और प्लांट लगाए जाने की योजना है.
40 देशों के साथ FTA पर काम
पीएम मोदी ने बताया कि भारत करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA पर काम कर रहा है. इससे व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
उन्होंने भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने और उनकी कीमतों को प्रतिस्पर्धी रखने पर भी जोर दिया. उनका लक्ष्य है कि भारतीय सामान दुनिया के ज्यादा से ज्यादा बाजारों तक पहुंचे.
PM सूर्य घर योजना का भी जिक्र
प्रधानमंत्री ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की उपलब्धियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि योजना के तहत 50 लाख घरों का सोलर एनर्जी कनेक्शन का आंकड़ा पार हो चुका है.
पीएम मोदी के मुताबिक इससे कई घरों का बिजली बिल शून्य हुआ है. कुछ परिवार अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर रहे हैं. सरकार इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 80 हजार रुपये तक की मदद दे रही है.
रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन की रफ्तार का उदाहरण
पीएम मोदी ने रेलवे के इलेक्ट्रिफिकेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में रेल विद्युतीकरण का काम 1925 में शुरू हुआ था. इसके बाद करीब 90 वर्षों में केवल 30 फीसदी रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन हो पाया.
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने रेलवे के इलेक्ट्रिफिकेशन का काम 100 फीसदी पूरा कर लिया है. पीएम मोदी ने इसे देश की विकास रफ्तार का उदाहरण बताया.
ऊर्जा सुरक्षा को बताया बड़ी जरूरत
प्रधानमंत्री ने कहा कि नई तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था के दौर में ऊर्जा की जरूरत लगातार बढ़ रही है. सेमीकंडक्टर, एआई और डेटा सेंटर के लिए बड़ी मात्रा में बिजली चाहिए. ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा बेहद जरूरी है.
उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स का भी जिक्र किया. पीएम मोदी के मुताबिक क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर की घोषणा की जा चुकी है और कई देशों के साथ इस क्षेत्र में समझौते किए जा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि समुद्र में नए संसाधनों की खोज पर भी काम हो रहा है. इसके लिए समुद्र से जुड़े क्षेत्रों में नीतिगत बदलाव किए गए हैं.
पाइप गैस नेटवर्क का विस्तार
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश के करीब 70 शहरों में पाइप से गैस पहुंचती थी. पिछले 12 वर्षों में यह संख्या बढ़कर करीब 700 शहरों तक पहुंच गई है.
उन्होंने बताया कि 2014 से पहले करीब 20-22 लाख घरों तक पाइप गैस पहुंचती थी. अब यह संख्या बढ़कर करीब पौने दो करोड़ घर हो गई है.
सोलर एनर्जी क्षमता में बड़ा इजाफा
प्रधानमंत्री ने बताया कि करीब 12 साल पहले भारत की सोलर एनर्जी क्षमता लगभग 2 गीगावाट थी. अब यह बढ़कर करीब 160 गीगावाट हो गई है.
उन्होंने कहा कि देश ने संकट के दौर में भी विकास की रफ्तार को रुकने नहीं दिया. ऊर्जा सुरक्षा के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर तेजी से काम किया जा रहा है.
आधी रात को ही क्यों हुआ भारत की आजादी का ऐलान? 15 अगस्त से जुड़ा ये राज शायद नहीं जानते होंगे
ADVERTISEMENT


