'संविधान नहीं देता इजाजत...' AAP पार्टी में टूट के बीच अन्ना हजारे का बयान आया समाने, देखें वीडियो

 Raghav Chadha joins BJP: दिल्ली की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी छोड़कर BJP का दामन थाम लिया. इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. अन्ना हजारे ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे नैतिकता के खिलाफ बताया. अब AAP बागी नेताओं के खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है.

Anna Hazare on Raghav Chadha
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न्यूज तक डेस्क

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Anna Hazare on Raghav Chadha: देश की राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को हुई एक राजनीतिक घटना ने पूरे देश में हलचल मचा दी है. दरअसल, यहां राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जॉइन कर ली. इसके बाद आम आदमी पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है. इस बीच, पार्टी में हुई इस बड़ी टूट पर अन्ना हजारे ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने राघव चड्ढा और उनके साथी सांसदों के भाजपा में शामिल होने के फैसले को “नैतिकता का पतन” करार दिया है.

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"संविधान स्वार्थ की इजाजत नहीं देता" - अन्ना हजारे

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए अन्ना हजारे ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि "एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाना पूरी तरह गलत है. अपने स्वार्थ के लिए इधर-उधर जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है." अन्ना ने आगे जोर देते हुए कहा कि हमारा देश संविधान के आधार पर चलता है और संविधान सर्वोच्च है, लेकिन कहीं भी व्यक्तिगत लाभ के लिए इस तरह दल-बदल करने की बात नहीं कही गई है. गौरतलब है कि अन्ना हजारे वही शख्सियत हैं जिनके 2011 के आंदोलन से 'आप पार्टी' का जन्म हुआ था, हालांकि बाद में उन्होंने खुद को राजनीति से दूर कर लिया था.

AAP में मची भगदड़: राघव चड्ढा ने पलटी बाजी

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब शुक्रवार को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे दिग्गज नेताओं ने अचानक AAP का साथ छोड़कर बीजेपी मुख्यालय में भगवा चोला ओढ़ लिया. राघव चड्ढा ने दावा किया कि राज्यसभा के दो-तिहाई सांसद उनके संपर्क में हैं और वे पार्टी का विलय बीजेपी में करने की कानूनी प्रक्रिया की ओर बढ़ रहे हैं. इस बगावत ने दिल्ली से लेकर पंजाब तक की सियासत में भूचाल ला दिया है.

एक्शन मोड में केजरीवाल और सिसोदिया

पार्टी में हुई इस बड़ी टूट के बाद अरविंद केजरीवाल के आवास पर हलचल तेज हो गई है. वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया गुजरात दौरा बीच में छोड़कर देर रात दिल्ली पहुंचे और सीधे केजरीवाल से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, करीब आधे घंटे तक चली इस 'इमरजेंसी' मीटिंग में बागी सांसदों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई है.

दलबदल कानून के तहत होगी कार्रवाई?

आम आदमी पार्टी अब इन बागी सांसदों की सदस्यता रद्द कराने की तैयारी में है. पार्टी के मुख्य सचेतक (Chief Whip) एन.डी. गुप्ता राज्यसभा सभापति को पत्र सौंपकर एंटी-डिफेक्शन लॉ यानी दलबदल विरोधी कानून के तहत राघव चड्ढा और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे. पार्टी का तर्क है कि इन नेताओं को सार्वजनिक रूप से बीजेपी में शामिल होते देखा गया है, जो सीधे तौर पर सदन के नियमों का उल्लंघन है.

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