राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों के हालिया प्रदर्शन के बाद अब नया सियासी और कानूनी मोड़ सामने आ गया है. चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकाल रहे ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के नेताओं पर आकाशवाणी भवन परिसर में जबरन घुसने और धरना देने का आरोप लगा है. इस बाबत आकाशवाणी भवन प्रशासन की ओर से पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कई अन्य सांसदों और दर्जनों अज्ञात समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की गई है।
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मार्च रोका तो आकाशवाणी परिसर बना 'सियासी ठिकाना'
घटनाक्रम बीते मंगलवार का है, जब विपक्षी सांसद संसद परिसर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के विरोध में चुनाव आयोग (ECI) कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे. आयोग के दफ्तर से लगभग 400 मीटर पहले ही दिल्ली पुलिस ने कड़े बैरिकेड्स लगाकर मार्च को रोक दिया.
आगे का रास्ता बंद देखकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनके सहयोगी दल के सांसद पास में स्थित आकाशवाणी भवन के परिसर में दाखिल हो गए। दोनों शीर्ष नेता गेट नंबर 4 के पास एक पेड़ की छांव में जमीन पर बैठ गए और वहीं से अपना विरोध दर्ज कराने लगे। देखते ही देखते यह परिसर हाई-प्रोफाइल सियासी ड्रामे का केंद्र बन गया, जहां विपक्षी नेता करीब आठ घंटे तक डटे रहे।
क्या हैं शिकायत में आरोप?
आकाशवाणी भवन प्रशासन का कहना है कि नेताओं और उनके समर्थकों ने बिना अनुमति के परिसर में प्रवेश किया, जो गैर-कानूनी अतिक्रमण (Trespass) के दायरे में आता है। शिकायत के मुताबिक, मंगलवार दोपहर को प्रदर्शन के दौरान ही पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) को पहली सूचना दी गई थी. इसके बाद शाम ढलते-ढलते पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में लिखित शिकायत सौंप दी गई.
उस वक्त माहौल तब और गर्मा गया जब पुलिस ने परिसर में मौजूद राहुल और प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया. उन्हें पुलिस वाहनों में बैठाकर किंग्सवे कैंप ले जाया गया, हालांकि देर शाम हिरासत से रिहा कर दिया गया.
अब आगे क्या करेगी दिल्ली पुलिस?
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना पुलिस को शिकायत मिलने के बाद अब जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज, पीसीआर कॉल्स और मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों के बयानों की समीक्षा कर रहे हैं। जांच में यह तय किया जाएगा कि धाराएं किस आधार पर बनेंगी और क्या इस मामले में औपचारिक FIR दर्ज की जाएगी. फिलहाल, इस शिकायत ने दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी का पारा बढ़ा दिया है.
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