'बचाओ-बचाओ की आवाजें आ रही थीं...'सत्य निकेतन हादसे के चश्मदीद राहुल खत्री ने सुनाई खौफनाक कहानी, देखें वीडियो

न्यूज तक डेस्क

07 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 7 2026 10:29 AM)

Satya Niketan PG building accident: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक 5 मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई. हादसे के समय आसपास कई लोग मौजूद थे. स्थानीय चश्मदीद राहुल खत्री ने बताया कि बेसमेंट निर्माण और कमजोर पिलर की वजह से यह हादसा हुआ. फिलहाल मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है.

 सत्य निकेतन हादसे के चश्मदीद ने बताया पूरा घटनाक्रम
सत्य निकेतन हादसे के चश्मदीद ने बताया पूरा घटनाक्रम
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Satya Niketan Building Collapse: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर ढह गई. बिल्डिंग गिरते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों के साथ पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.

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इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 11 घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है. फिलहाल मौके पर राहत और बचाव अभियान जारी है. मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. वहीं, हादसे के वक्त मौके पर मौजूद लोगों के चश्मदीद बयान भी सामने आने लगे हैं.

तेज धमाक हुआ फिर एक झटके में गिर गई बिल्डिंग

ऐसे एक राहुल खत्री नामक चश्मदीद ने बताया कि हादसे में अचानक एक तेज धमाक हुआ, मानों जैसे भूकंप आया आया हो. इसके एक झटके में पूरी इमारत नीचे गिर गई. मलबे के अंदर से 'बचाओ-बचाओ' की चीखें सुनाई दे रही थीं. स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला, जिनमें से कई लोग गंभीर रूप से घायल थे और उन्हें तुरंत एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया.

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बेसमेंट निर्माण और कमजोर पिलर बनी हादसे की वजह

वही एक अन्य चश्मदीद ने बताया कि यह इमारत काफी पुरानी थी और इसे लीज पर दिया गया था. अतिरिक्त कमाई के चक्कर में नीचे बेसमेंट का निर्माण कराया जा रहा था और पिलर कमजोर कर दिए गए थे. इसी वजह से पूरी 5 मंजिला इमारत अचानक अपना संतुलन खो बैठी और ढह गई. इसके साथ ही बगल की एक और इमारत को भी नुकसान पहुँचा है.

राहत कार्य जारी, मलबे में दबे लोगों की तलाश

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुँच गईं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिशें युद्ध स्तर पर जारी हैं. हॉस्टल और पीजी का रजिस्टर चेक करके दबे हुए छात्रों और मजदूरों की सही संख्या का पता लगाया जा रहा है.

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