Satya Niketan building collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला इमारत गिरने के बाद पड़ोस में रहने वाली चश्मदीद महिला ने घटना का खौफनाक मंजर बयां किया है. चश्मदीद के मुताबिक दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक इतनी तेज आवाज हुई जैसे भूकंप आ गया हो. महिला ने बताया कि कुछ ही पलों में पूरी 5 मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर नीचे गिर गई.
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40 साल पुरानी इमारत के बेसमेंट में चल रहा था काम
मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी ने खुलासा किया कि यह इमारत करीब 40 साल पुरानी थी और इसका लोहा पूरी तरह गल चुका था. जर्जर हालत के बावजूद इमारत के नीचे बेसमेंट की खुदाई और काम कराया जा रहा था. चश्मदीद के अनुसार बेसमेंट में मजदूर काम कर रहे थे और उनके मलबे में दबे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
एक-एक फ्लोर पर रहते थे 10-10 छात्र
चश्मदीद महिला ने बताया कि इस इमारत में लड़कों का पीजी चलता था, जहां साउथ कैंपस के छात्र रेंट पर रहते थे. उनके अनुसार हर फ्लोर पर लगभग 10-10 बच्चे रहते थे. इमारत में चारों तरफ पीजी ही चलाए जाते हैं, इसलिए हादसे के बाद छात्रों और मजदूरों के मलबे में दबे होने का गहरा अंदेशा जताया जा रहा है.
स्थानीय लोगों ने तुरंत शुरू किया मदद का काम
रविवार को हुई इस घटना के तुरंत बाद स्थानीय नागरिक खुद ही मदद के लिए आगे आ गए. एनडीआरएफ और अन्य सिविक एजेंसियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोग राहत कार्य में जुट गए थे. बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एनडीआरएफ और राहत दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं.
प्रशासनिक अमला मौके पर, 6 लोग पहुंचाए गए अस्पताल
हादसे की सूचना मिलने के बाद शासन-प्रशासन, स्थानीय विधायक, पार्षद और एमसीडी के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. अभी तक की जानकारी के मुताबिक मलबे से निकालकर 6 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में किराए के चक्कर में ऐसी जर्जर इमारतों को खड़ा कर लापरवाही बरती जा रही है.
इनपुट: अमरजीत कुमार
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